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कपसाड़ प्रकरण : पुलिस की सख्ती में फंसा रूबी का परिवार, उत्पीड़न का लगाया आरोप

परिजन बोले - प्रशासन की सख्ती से खतरे में पड़ रही रूबी की शादी, किए गए वादे भी नहीं हो रहे पूरे

सरधना | कपसाड़ कांड को लेकर पीड़ित परिवार पुलिस प्रशासन की सख्ती में फंसा हुआ है। उन्हें किसी से मिलने नहीं दिया जा रहा है। रूबी के भाई नरसी के अनुसार पुलिस प्रशासन की सख्ती के चलते अप्रैल में तय रूबी की शादी टल सकती है। पीड़ित परिवार ने पुलिस पर किए गए वादे भी पूरे नहीं करने का आरोप लगाया है। 

मीडिया से फोन पर बात करते हुए रूबी के भाई नरसी ने बताया पुलिस उनके घर के बाहर तैनात है। उनकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। किसी को भी उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है। इसी कारण वह लड़का पक्ष से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। नरसी ने बताया कि रूबी की दो अप्रैल को शादी प्रस्तावित है। जहां उसका रिश्ता हुआ है उनसे संपर्क नहीं हो रहा है। परिवार ने आरोप लगाया बाजार जाने तक की छूट नहीं दी जा रही। उनका सामान्य जीवन प्रभावित हो गया है। नरसी ने बताया कि घटना के समय प्रशासन ने पिस्टल लाइसेंस, भूमि पट्टा, 50 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक केवल 10 लाख रुपये ही दिए गए हैं। नौकरी के नाम पर गोशाला में काम देने की बात कही जा रही है, जबकि पहले दौराला या खतौली शुगर मिल में नौकरी दिलाने की बात कही गई थी। 

नरसी के पिता ने आरोप लगाया अनुसूचित जाति से होने के कारण उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा। परिजनों ने फोन टैप कराए जाने का आरोप भी लगाया है। नरसी ने चेतावनी दी है कि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे। 

रूबी के परिवार पर किसी तरह की पाबंदी नहीं है। सुरक्षा की दृष्टी से उनके घर के बाहर पुलिस तैनात है। यदि पीड़ित परिवार उत्पीड़न की बात कह रहा है तो उनसे बातचीत की जाएगी। आशुतोष कुमार, सीओ सरधना।

ये था मामला...

बीती आठ जनवरी को रूबी पुत्री सतेंद्र का गांव के ही युवक पारस सोम द्वारा अपहरण कर लिया गया था। विरोध करने पर आरोपी ने उसकी मां सुनीता धारदार फरसे से हत्या कर दी थी। घटना के बाद इस मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया था। विपक्ष ने खूब हंगामा काटकर सरकार को घेरा था। घटना के बाद से ही पीड़ित परिवार पुलिस की सुरक्षा में है।

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