मेरठ अग्निकांड का मुख्य कारण आया सामने
मेरठ | मेरठ के लिसाड़ी गेट स्थित किदवई नगर में हुए भीषण अग्निकांड की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच के बाद प्रशासन और दमकल विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह दर्दनाक हादसा बिजली के शॉर्ट सर्किट की वजह से हुआ था। इस हादसे में एक महिला और पांच मासूम बच्चों की असमय मृत्यु ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है।
शॉर्ट सर्किट और मोबाइल चार्जिंग बना काल
मिली जानकारी के अनुसार, घर के एक कमरे में मोबाइल चार्जिंग या बिजली के बोर्ड में हुए शॉर्ट सर्किट से उठी चिंगारी ने पास रखे कपड़ों और गद्दों को अपनी चपेट में ले लिया। चूंकि घर के भीतर भारी मात्रा में सिलाई का काम और कपड़ों का स्टॉक मौजूद था, इसलिए आग ने कुछ ही सेकंड में विकराल रूप धारण कर लिया। दम घुटने और भीषण गर्मी के कारण कमरे में मौजूद लोग बाहर निकलने में असमर्थ रहे।
हादसे की मुख्य वजहें
वेंटिलेशन की कमी: जिस कमरे में आग लगी, वहां वेंटिलेशन की उचित व्यवस्था नहीं थी, जिससे जहरीला धुआं कमरे के भीतर ही भर गया।
सकरी गलियां: किदवई नगर की तंग गलियों के कारण दमकल की गाड़ियों को मौके पर पहुंचने में काफी समय लगा।
ज्वलनशील पदार्थ: घर में रखे सिंथेटिक कपड़ों और फोम के गद्दों ने आग की तीव्रता को कई गुना बढ़ा दिया।
मृतकों का विवरण
इस हृदयविदारक घटना में 30 वर्षीय रुखसार और उनके पांच बच्चों की मौत हुई है। मृतकों में 6 माह की दो जुड़वां बच्चियां भी शामिल थीं। जब बचाव दल ने दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश किया, तो सभी के शव बुरी तरह झुलसी हुई अवस्था में मिले।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
मेरठ जिला प्रशासन और अग्निशमन विभाग ने इस घटना के बाद सघन बस्तियों में रहने वाले लोगों को पुराने बिजली के तारों को बदलने और ओवरलोडिंग से बचने की सलाह दी है। डीएम ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
निष्कर्ष
मेरठ का यह अग्निकांड एक बड़ी मानवीय त्रासदी है जो हमें बिजली के उपकरणों के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी देती है। एक छोटी सी लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार को खत्म कर दिया। प्रशासन अब क्षेत्र में अवैध रूप से चल रहे व्यावसायिक कार्यों और बिजली फिटिंग की जांच करने की तैयारी में है।
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