-मेरठ के एनएएस कॉलेज में सवर्ण समाज की बैठक में सुप्रीम को दिया गया धन्यवाद
-समाज की मांग, भविष्य में जो भी नियम बनें उसमें सभी वर्गों का ध्यान रहे
मेरठ | यूजीसी के विवादित रेगुलेशन पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गुरुवार को रोक लगाने के फैसले का सवर्ण समाज ने स्वागत किया है। एनएएस इंटर कॉलेज में युवा ब्राह्मण समाज संगठन की बैठक में सवर्ण समाज ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले से देश-समाज को जातिगत टकराव से बचा लिया। लोगों ने कहा भविष्य के लिए सवर्ण समाज को संगठित रहते हुए लड़ाई के लिए तैयार रहना चाहिए। सवर्ण समाज ने भविष्य में किसी भी पार्टी द्वारा जातिगत भेदभाव के नाम पर उन्हें निशाने पर लाने पर उसका पूरी तरह से बहिष्कार करने का संकल्प लिया।
संगठन अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने कहा कि सरकार समाज को बांटने के लिए गाइडलाइन बनाने वाले जिम्मेदारों को चिह्नित कर कार्रवाई करे, ताकि फिर ऐसा न हो। मंत्री पुनीत शर्मा ने कहा समाज को बांटने वाले कानूनों का विरोध करना चाहिए। सवर्ण समाज एकजुट होकर निर्णय ले कि भविष्य में कोई भी पार्टी ऐसा काम करती है तो उसका पूरी तरह से बहिष्कार कर दिया जाए।
अजय शर्मा ने कहा सवर्ण समाज ने कभी भी किसी जाति का अपमान या विरोध नहीं किया लेकिन कुछ जाति के लोग व्यक्तिगत द्वेष रखते हुए सवर्ण समाज को चिह्नित कर आरोप लगाते रहते हैं। जितेंद्र गौतम ने सवर्ण समाज से आगे के नियमों पर ध्यान रखने की अपील की। प्रशांत कौशिक ने कहा आपसी मतभेद किसी के भी साथ हो सकता है, लेकिन किसी को कानूनी रूप से हथियार दे देना उचित नहीं है। प्रशांत कौशिक ने सवर्ण समाज से प्रस्ताव बनाकर जनप्रतिनिधियों को सौंपने की अपील की। अश्विनी कौशिक ने कहा रोक लगाकर थोड़ी राहत मिली है, लेकिन सवर्ण समाज पर अभी तलवार लटकी हुई है। आरके पचौरी, गणेश दत्त शर्मा, विशाल त्यागी, भूषण शर्मा, डॉ.गजेंद्र शर्मा, ललित कौशिक, विजय शर्मा, संजय वाजपेयी, गिरीश भारद्वाज, विशाल शर्मा आदि रहे।
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