मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान, इजरायल व अमेरिका के बीच जारी संघर्ष को लेकर भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक महत्वपूर्ण आधिकारिक बयान जारी किया है। भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील करते हुए इस बात पर जोर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत सभी देशों की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए।
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। भारत ने स्पष्ट किया कि हिंसा और शत्रुता बढ़ने से न केवल क्षेत्र की सुरक्षा को खतरा है, बल्कि इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था और शांति पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। भारत ने कूटनीति और बातचीत के जरिए विवादों को सुलझाने की वकालत की है।
गौरतलब है कि ईरान और इजरायल के बीच सीधे हमलों के बाद खाड़ी देशों में युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं। भारत के इस बयान को वैश्विक मंच पर शांति बहाली की दिशा में एक संतुलित और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। भारत ने सभी संबंधित देशों से हिंसा का रास्ता छोड़कर शांतिपूर्ण संवाद की मेज पर लौटने का आह्वान किया है।
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