गंगा एक्सप्रेसवे अपडेट:
उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी में क्रांति लाने वाला 'गंगा एक्सप्रेसवे' (Ganga Expressway) अब अपने अंतिम चरण में है। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ से संगम नगरी प्रयागराज तक की दूरी तय करने में लगने वाला समय आधा रह जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार इस महात्वाकांक्षी परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रही है।
मेरठ से प्रयागराज: 12 घंटे का सफर अब 6 घंटे में
वर्तमान में मेरठ से प्रयागराज जाने में लगभग 11 से 12 घंटे का समय लगता है, लेकिन 594 किलोमीटर लंबे इस सिक्स-लेन एक्सप्रेसवे (जिसे भविष्य में आठ लेन तक बढ़ाया जा सकता है) के तैयार होने के बाद यह सफर मात्र 6 से 7 घंटे में पूरा हो सकेगा। यह एक्सप्रेसवे यूपी के 12 जिलों— मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज को आपस में जोड़ेगा।
प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति और डेडलाइन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि महाकुंभ 2025 से पहले इस एक्सप्रेसवे के मुख्य कैरिजवे को यातायात के लिए खोल दिया जाए। हालिया अपडेट के अनुसार, एक्सप्रेसवे का लगभग 80 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। मुख्य पुलों और फ्लाईओवर्स का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। शाहजहांपुर में एक आपातकालीन हवाई पट्टी (Airstrip) भी बनाई गई है, जिसका उपयोग वायुसेना के विमानों की लैंडिंग के लिए किया जा सकेगा।
विकास को मिलेगी नई रफ्तार
गंगा एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा का समय कम करेगा, बल्कि इसके किनारे औद्योगिक गलियारे (Industrial Corridors) भी विकसित किए जा रहे हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और कृषि उत्पादों को मंडियों तक पहुँचाना आसान हो जाएगा। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा, जिससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) से प्रयागराज की कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।
मुख्य विशेषताएं:
कुल लंबाई: 594 किलोमीटर
जिले: 12 प्रमुख शहर
सुविधाएं: पेट्रोल पंप, ट्रॉमा सेंटर, और रेस्ट एरिया।
रफ्तार: 120 किमी/घंटा की डिजाइन स्पीड।
उत्तर प्रदेश के इस सबसे लंबे एक्सप्रेसवे के शुरू होते ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था और पर्यटन को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
0 टिप्पणियाँ