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Great Nicobar Mega Project: NGT की हरी झंडी, चीन की 'String of Pearls' को भारत का करारा जवाब


 ग्रेट निकोबार द्वीप समूह में प्रस्तावित ₹80,000 करोड़ से अधिक के मेगा प्रोजेक्ट को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने मंजूरी दे दी है। 16 फरवरी 2026 को दिए गए इस ऐतिहासिक फैसले में NGT ने माना कि यह प्रोजेक्ट भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक मजबूती के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

NGT का फैसला: विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन

पर्यावरण कार्यकर्ताओं द्वारा दायर याचिकाओं को खारिज करते हुए NGT ने स्पष्ट किया कि प्रोजेक्ट में पर्यावरण की रक्षा के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय (Safeguards) शामिल किए गए हैं। ट्रिब्यूनल ने एक "संतुलित दृष्टिकोण" (Balanced Approach) अपनाने की बात कही, जहाँ देश की सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

प्रोजेक्ट के 4 मुख्य स्तंभ (Major Components):

यह केवल एक बंदरगाह नहीं, बल्कि एक पूरा आधुनिक इकोसिस्टम है:

  1. इंटरनेशनल कंटेनर ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल (ICTT): गलाथिया बे (Galathea Bay) में एक गहरा समुद्री बंदरगाह, जो सिंगापुर और कोलंबो जैसे विदेशी पोर्ट्स पर भारत की निर्भरता कम करेगा।

  2. ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट: एक नागरिक और सैन्य (Dual-use) हवाई अड्डा।

  3. पावर प्लांट: 450 MVA की क्षमता वाला गैस और सौर ऊर्जा आधारित बिजली केंद्र।

  4. इंटीग्रेटेड टाउनशिप: एक अत्याधुनिक शहर का निर्माण।

रणनीतिक महत्व: चीन को घेरने की तैयारी

ग्रेट निकोबार की भौगोलिक स्थिति इसे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक बनाती है:

  • मलक्का जलडमरूमध्य (Malacca Strait) की निकटता: यह दुनिया के सबसे व्यस्त शिपिंग कॉरिडोर के पास है। चीन का 80% तेल आयात यहीं से गुजरता है।

  • String of Pearls का मुकाबला: हिंद महासागर में चीन के बढ़ते प्रभाव और उसकी 'स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स' नीति को जवाब देने के लिए भारत यहां अपनी सैन्य और आर्थिक शक्ति बढ़ा रहा है।

  • शॉर्टकट व्यापार: यह पोर्ट भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का केंद्र बनाएगा, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी।

पर्यावरण सुरक्षा की शर्तें:

प्रोजेक्ट को मंजूरी देते समय NGT ने सख्त निर्देश दिए हैं:

  • कोरल ट्रांसलोकेशन: प्रभावित होने वाले मूंगों (Corals) को वैज्ञानिक देखरेख में दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा।

  • वन्यजीव संरक्षण: लेदरबैक कछुओं और निकोबार मेगापोड जैसे दुर्लभ जीवों के लिए विशेष संरक्षण योजना।

  • कटाव रोकना: निर्माण के कारण टापू के तटों (Shorelines) का कटाव नहीं होना चाहिए।

निष्कर्ष

ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट भारत को हिंद महासागर का "नया हांगकांग" बनाने की क्षमता रखता है। पर्यावरण की चिंताओं और राष्ट्रीय सुरक्षा की जरूरतों के बीच यह प्रोजेक्ट भारत की 'Act East' नीति का सबसे मजबूत स्तंभ साबित होगा।

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