मेरठ टोल प्लाजा पर भारी हंगामा:
उत्तर प्रदेश के मेरठ में सिवाया टोल प्लाजा पर उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जबरदस्त धक्का-मुक्की हुई। किसान संगठन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पुतला फूंकने की कोशिश कर रहे थे, जिसे रोकने के लिए पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी।
क्यों प्रदर्शन कर रहे थे किसान?
भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर कार्यकर्ता सिवाया टोल प्लाजा पर इकट्ठा हुए थे। किसानों का आरोप है कि अंतरराष्ट्रीय नीतियों और कुछ हालिया घटनाक्रमों के कारण किसानों के हितों को नुकसान पहुंच रहा है। इसी के विरोध में उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति का पुतला दहन करने का निर्णय लिया था।
पुलिस और किसानों के बीच नोकझोंक
जैसे ही किसान पुतला लेकर आगे बढ़े, वहां मौजूद भारी पुलिस बल ने उन्हें रोकने की कोशिश की। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई और धक्का-मुक्की होने लगी। पुलिस ने पुतले को अपने कब्जे में लेने का प्रयास किया, जिससे किसान और भी उग्र हो गए। टोल प्लाजा पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और वाहनों की कतारें लग गईं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
हंगामे की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस का तर्क था कि सार्वजनिक स्थान और हाईवे पर पुतला फूंकना सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक है और इससे कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। काफी जद्दोजहद के बाद पुलिस ने स्थिति पर काबू पाया, हालांकि किसानों ने नारेबाजी जारी रखी और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
टोल प्लाजा पर लगा जाम
इस विरोध प्रदर्शन और पुलिसिया कार्रवाई के कारण दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे पर यातायात बाधित हुआ। यात्रियों को घंटों जाम का सामना करना पड़ा। किसान नेताओं का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेंगे और भविष्य में आंदोलन को और तेज करेंगे।
0 टिप्पणियाँ