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रिलायंस जामनगर में बनाएगा दुनिया का सबसे बड़ा गीगावाट-स्केल एआई इंफ्रास्ट्रक्चर

मुकेश अंबानी का 'एआई' महा-धमाका 


जामनगर/मुंबई: रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने भारत को वैश्विक एआई (AI) मानचित्र पर स्थापित करने के लिए एक ऐतिहासिक निवेश की घोषणा की है। गुजरात के जामनगर में रिलायंस दुनिया का सबसे बड़ा और अत्याधुनिक 'गीगावाट-स्केल एआई-रेडी डेटा सेंटर' (Gigawatt-scale AI infrastructure) स्थापित करने जा रहा है। इस परियोजना के साथ ही मुकेश अंबानी ने भारत में एआई तकनीक को "डेटा" की तरह ही सस्ता और सुलभ बनाने का संकल्प दोहराया है।

जामनगर बनेगा एआई की नई राजधानी

रिलायंस की इस योजना के तहत जामनगर में एक विशाल एआई इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा, जो पूरी तरह से ग्रीन एनर्जी (Renewable Energy) पर आधारित होगा। मुकेश अंबानी ने कहा कि जिस तरह जामनगर ने पेट्रोकेमिकल्स और रिफाइनिंग में दुनिया का नेतृत्व किया है, अब वही धरती दुनिया की सबसे उन्नत एआई कंप्यूटिंग शक्ति का केंद्र बनेगी। यह प्रोजेक्ट भारत की डिजिटल संप्रभुता को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

'एआई फॉर ऑल' और सस्ता समाधान

मुकेश अंबानी ने घोषणा की कि रिलायंस जियो (Jio) का लक्ष्य एआई तकनीक को हर भारतीय की पहुंच में लाना है। उन्होंने कहा, "हम एआई को इतना सस्ता और सुलभ बनाएंगे कि यह केवल बड़े कॉर्पोरेट तक सीमित न रहकर भारत के छोटे किसानों, व्यापारियों और छात्रों के काम आ सके।" कंपनी का लक्ष्य एआई मॉडल, क्लाउड कंप्यूटिंग और अत्याधुनिक टूल्स को बेहद कम दरों पर उपलब्ध कराना है।

लाखों नौकरियों और स्टार्टअप्स को मिलेगा बूस्ट

इस निवेश से न केवल तकनीकी क्षेत्र में लाखों नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है, बल्कि यह भारत के उभरते स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए बैकबोन का काम करेगा। गीगावाट-स्केल इंफ्रास्ट्रक्चर मिलने से भारतीय स्टार्टअप्स को विदेशी सर्वरों और महंगी कंप्यूटिंग पावर पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

मुकेश अंबानी के इस 'एआई विजन' ने वैश्विक टेक जगत में खलबली मचा दी है, क्योंकि यह सीधे तौर पर अमेरिका और चीन के एआई प्रभुत्व को चुनौती देने वाला कदम है।

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