नमो भारत ट्रेन का नया कीर्तिमान:
नमो भारत (RRTS) ने रचा इतिहास: दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ के बीच चलने वाली देश की पहली सेमी-हाई-स्पीड क्षेत्रीय ट्रेन 'नमो भारत' ने सफलता का एक नया शिखर छू लिया है। सोमवार को पूरे 82 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर कमर्शियल ऑपरेशंस के पहले ही दिन यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे एक दिन में सफर करने वालों का आंकड़ा पहली बार 1 लाख के पार पहुंच गया।
उद्घाटन के बाद दिखा जबरदस्त उत्साह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में इस पूरे कॉरिडोर का उद्घाटन किया था, जिसके बाद सोमवार को इसका पहला पूर्ण कार्य दिवस (Full Working Day) था। सुबह से ही मेरठ के बेगमपुल, साहिबाबाद और दिल्ली के सराय काले खां जैसे प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों का तांता लगा रहा। यात्रियों में इस नई सेवा को लेकर इतना उत्साह था कि ट्रेनों के भीतर 'भारत माता की जय' के नारे भी सुनाई दिए।
नमो भारत कॉरिडोर की मुख्य विशेषताएं
दूरी और समय: अब दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक की 82 किमी की दूरी मात्र 55 मिनट में तय की जा सकती है।
रफ्तार: इस ट्रेन को 180 किमी/घंटा की डिजाइन स्पीड के साथ बनाया गया है, जो यात्रियों को बुलेट ट्रेन जैसा अनुभव देती है।
कनेक्टिविटी: यह कॉरिडोर दिल्ली मेट्रो, भारतीय रेलवे और बस अड्डों (ISBT) के साथ इंटरकनेक्टेड है, जिससे यात्रियों को आवाजाही में कोई परेशानी नहीं होती।
मेरठ मेट्रो का साथ: इसी कॉरिडोर पर मेरठ शहर के भीतर मेट्रो सेवाएं भी संचालित की जा रही हैं, जो विश्व में अपनी तरह का पहला 'इंटीग्रेटेड' मॉडल है।
NCRTC के लिए बड़ी उपलब्धि
नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) के अधिकारियों के अनुसार, सोमवार रात 10 बजे तक यात्रियों की संख्या ने एक लाख की ऐतिहासिक सीमा को पार कर लिया था। यह न केवल इस परियोजना की लोकप्रियता को दर्शाता है, बल्कि यह भी सिद्ध करता है कि दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए यह ट्रेन एक 'लाइफलाइन' साबित हो रही है।
निष्कर्ष
नमो भारत ट्रेन ने दिल्ली-मेरठ के बीच के सफर को न केवल छोटा किया है, बल्कि उसे सुरक्षित और आरामदायक भी बनाया है। 1 लाख यात्रियों का यह आंकड़ा तो बस शुरुआत है; आने वाले समय में यह संख्या और भी बढ़ने की उम्मीद है, जिससे सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और प्रदूषण में भी कमी आएगी।
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