उत्तर प्रदेश: राज्य के बेसिक शिक्षा विभाग ने भीषण गर्मी और बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्राइमरी और उच्च प्राथमिक स्कूलों के समय में महत्वपूर्ण बदलाव करने का निर्णय लिया है। 1 अप्रैल, 2026 से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र में स्कूलों के संचालन का समय अब पहले की तुलना में कम रहेगा।
मुख्य बदलाव और नई टाइमिंग:
पिछले कुछ वर्षों में स्कूलों का समय दोपहर 2:00 बजे तक था, जिसे अब घटाकर 5 घंटे करने की तैयारी है।
नई प्रस्तावित टाइमिंग: सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक (या सुबह 8:00 से 1:00 बजे तक)।
प्रभावी तिथि: 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक।
कारण: दोपहर की चिलचिलाती धूप और लू (Heatwave) से बच्चों को बचाना।
समय घटाने की आवश्यकता क्यों पड़ी?
स्वास्थ्य पर असर: हाल के वर्षों में जलवायु परिवर्तन के कारण मार्च के अंत और अप्रैल की शुरुआत से ही पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने लगा है। दोपहर 2 बजे तक स्कूल में रहने से बच्चों में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया था।
संसाधनों की कमी: ग्रामीण इलाकों के कई स्कूलों में पर्याप्त पंखे और ठंडे पानी की व्यवस्था न होने के कारण लंबी अवधि तक बच्चों का बैठना चुनौतीपूर्ण हो गया था।
पढ़ाई का नुकसान कवर: कोरोना काल के बाद पढ़ाई के नुकसान की भरपाई के लिए समय बढ़ाया गया था, लेकिन अब स्थिति सामान्य होने पर शिक्षक संघों ने इसे पुनः कम करने की मांग की थी।
स्कूल चलो अभियान 2026
नए सत्र की शुरुआत के साथ ही 'स्कूल चलो अभियान' का भी आगाज हो रहा है। इसका मुख्य लक्ष्य शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना और ड्रॉप-आउट रेट को शून्य पर लाना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि समय कम होने से बच्चों की उपस्थिति में सुधार होगा।
क्या कहते हैं शिक्षक और अभिभावक?
शिक्षक संघों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि दोपहर 12 बजे के बाद प्राइमरी स्कूलों की छतें काफी गर्म हो जाती हैं, जिससे कमरे 'आग के गोले' जैसे लगने लगते हैं। अभिभावकों ने भी राहत की सांस ली है क्योंकि अब छोटे बच्चों को दोपहर की भीषण गर्मी में घर वापस नहीं आना पड़ेगा।
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