लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर योगी सरकार पर अपने चिर-परिचित अंदाज में निशाना साधा है। हाल ही में फिल्म 'धुरंधर-2' की स्पेशल स्क्रीनिंग और उसे टैक्स फ्री किए जाने की चर्चाओं के बीच अखिलेश यादव ने जनता की समस्याओं को जोड़ते हुए सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े किए हैं।
जनता की जेब पर बोझ, मनोरंजन में व्यस्त सरकार?
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया और प्रेस ब्रीफिंग के जरिए कहा कि प्रदेश की जनता इस समय महंगाई और बेरोजगारी से त्रस्त है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार को फिल्म दिखाने और प्रमोट करने के बजाय आम आदमी को राहत देने पर ध्यान देना चाहिए।
"जितना उत्साह फिल्म 'धुरंधर-2' को लेकर दिखाया जा रहा है, उतना अगर आम जनता को सस्ते पेट्रोल-डीजल के लिए पेट्रोल पंपों पर राहत देने में दिखाया जाता, तो प्रदेश का भला होता।"
प्रमुख बिंदु और सियासी हमले:
महंगाई का मुद्दा: अखिलेश ने आरोप लगाया कि ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण माल ढुलाई महंगी हो गई है, जिससे हर घर का बजट बिगड़ गया है।
प्राथमिकता पर सवाल: उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार इवेंट मैनेजमेंट और फिल्मों के प्रचार में तो आगे रहती है, लेकिन जब किसानों की आय दोगुनी करने या युवाओं को रोजगार देने की बात आती है, तो पीछे हट जाती है।
जनता का ध्यान भटकाने का आरोप: सपा अध्यक्ष के अनुसार, सरकार बड़ी समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के सांस्कृतिक और मनोरंजन के कार्यक्रमों का सहारा ले रही है।
सत्ता पक्ष की प्रतिक्रिया
अखिलेश यादव के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी पलटवार किया है। भाजपा प्रवक्ताओं का कहना है कि सरकार विकास और मनोरंजन दोनों क्षेत्रों में संतुलन बनाकर चल रही है। उन्होंने कहा कि अच्छी फिल्मों को प्रोत्साहन देना सांस्कृतिक उत्थान का हिस्सा है और विपक्ष को हर बात में राजनीति नहीं ढूंढनी चाहिए।
सोशल मीडिया पर चर्चा तेज
अखिलेश यादव का यह 'धुरंधर-2' बनाम 'पेट्रोल पंप' वाला बयान सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। समर्थकों का कहना है कि नेताजी ने जमीनी हकीकत बयां की है, वहीं आलोचक इसे केवल सुर्खियां बटोरने का जरिया बता रहे हैं।
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