सोने और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट:
नई दिल्ली: सर्राफा बाजार से निवेशको और आम खरीदारों के लिए एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। वैश्विक संकेतों और घरेलू बाजार में मांग की कमी के चलते सोने और चांदी (Gold and Silver Price Crash) की कीमतों में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, सोने की कीमतों में भारी कटौती देखी गई है, वहीं चांदी की चमक भी फीकी पड़ गई है और यह करीब ₹1.84 लाख प्रति किलो तक नीचे आ गई है।
क्या हैं इस बड़ी गिरावट के कारण?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस 'क्रैश' के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारक जिम्मेदार हैं:
वैश्विक मंदी की आहट और डॉलर की मजबूती: अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर के मजबूत होने से निवेशकों ने सोने से पैसा निकालकर अन्य संपत्तियों में लगाना शुरू कर दिया है।
ब्याज दरों में बदलाव: अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed Reserve) द्वारा ब्याज दरों को लेकर दिए गए संकेतों ने भी कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव बनाया है।
आयात शुल्क (Import Duty) में कटौती की संभावना: बाजार में चर्चा है कि सरकार आगामी नीतिगत बदलावों में सोने पर आयात शुल्क कम कर सकती है, जिससे कीमतों में पहले ही सुधार (Correction) दिख रहा है।
सोने और चांदी के नए भाव (अनुमानित)
ताजा आंकड़ों के मुताबिक:
सोना: रिकॉर्ड ऊंचाई से फिसलकर अब काफी आकर्षक स्तर पर आ गया है। प्रति 10 ग्राम सोने की कीमत में ₹40,000 से अधिक की कमी एक ऐतिहासिक घटना मानी जा रही है।
चांदी: चांदी में आई ₹1.84 लाख की गिरावट ने औद्योगिक मांग और निवेश, दोनों को प्रभावित किया है।
क्या कीमतें और गिरेंगी?
निवेशकों के मन में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह खरीदारी का सही समय है या कीमतें और नीचे जाएंगी।
विशेषज्ञों की राय: कुछ जानकारों का कहना है कि यह एक 'शॉर्ट-टर्म' सुधार है और आने वाले समय में भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) के चलते कीमतें फिर से बढ़ सकती हैं। वहीं, कुछ का मानना है कि जब तक वैश्विक बाजार स्थिर नहीं होता, तब तक कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।
खरीदारों के लिए सुनहरा मौका
शादियों के सीजन से ठीक पहले आई इस गिरावट ने उन परिवारों को बड़ी राहत दी है जो जेवर खरीदने की योजना बना रहे थे। सराफा कारोबारियों का कहना है कि शोरूम में पूछताछ और फुटफॉल में अचानक बढ़ोतरी देखी गई है।
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