Looking For Anything Specific?

"मुसलमान का एनकाउंटर करने वाले का भी एनकाउंटर होगा": शौकत अली का विवादित बयान, सियासी पारा गरमाया


संबल/लखनऊ:
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली (Shaukat Ali) ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए बेहद विवादित बयान दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर पुलिस एनकाउंटर की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो लोग "मुसलमानों का एनकाउंटर" कर रहे हैं, एक दिन उनका भी एनकाउंटर होगा। इस बयान के बाद प्रदेश में सियासी घमासान मच गया है और भाजपा ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

"ऊपर वाले की लाठी में आवाज नहीं होती"

शौकत अली ने संबल में एक कार्यक्रम के दौरान भावुक और आक्रामक लहजे में कहा कि जुल्म की एक इंतिहा होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में एक खास समुदाय को निशाना बनाकर एनकाउंटर किए जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, "आज वक्त तुम्हारा है, कल हमारा होगा। जो आज गोलियां चला रहे हैं, कल कुदरत उनके साथ भी वही इंसाफ करेगी।"

विपक्ष और सत्ता पक्ष में वार-पलटवार

शौकत अली के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा हमला बोला है।

  • भाजपा का पक्ष: पार्टी प्रवक्ताओं का कहना है कि अपराधी का कोई धर्म नहीं होता। यूपी पुलिस अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। शौकत अली जैसे नेता सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं।

  • विपक्षी दल: समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने इस पर सधी हुई प्रतिक्रिया दी है, हालांकि उन्होंने भी समय-समय पर फेक एनकाउंटर के मुद्दे उठाए हैं, लेकिन शौकत अली के "एनकाउंटर के बदले एनकाउंटर" वाले बयान से किनारा किया है।

कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी

सूत्रों के अनुसार, पुलिस प्रशासन शौकत अली के इस भाषण की वीडियो फुटेज की जांच कर रहा है। भड़काऊ भाषण (Hate Speech) और समाज में वैमनस्य फैलाने के आरोप में उन पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इससे पहले भी शौकत अली अपने बयानों को लेकर विवादों में रहे हैं और उन पर मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।

एनकाउंटर नीति पर बहस जारी

उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में हुई पुलिस मुठभेड़ों को लेकर मानवाधिकार संगठन और विपक्षी दल लगातार सवाल उठाते रहे हैं। वहीं, सरकार का दावा है कि इन कार्रवाइयों से प्रदेश में अपराध कम हुआ है और माफिया राज खत्म हुआ है। शौकत अली के ताजा बयान ने इस पुरानी बहस में नई आग झोंक दी है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ