हस्तिनापुर/मेरठ: ऐतिहासिक नगरी हस्तिनापुर में बिजली विभाग और नगर पंचायत की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। कस्बे के एक मुख्य मार्ग पर स्थित बिजली के ट्रांसफार्मर (Transformer) के ठीक नीचे पिछले कई दिनों से पाइपलाइन लीकेज के कारण जलभराव हो रहा है। पानी और बिजली का यह जानलेवा मेल किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे सकता है, लेकिन शिकायत के बावजूद अधिकारी मौन साधे हुए हैं।
मौत को दावत दे रहा है 'करंट' का डर
ट्रांसफार्मर के चारों ओर जमा पानी की वजह से स्थानीय निवासियों और राहगीरों में दहशत का माहौल है।
शॉर्ट सर्किट का खतरा: जलभराव के कारण अर्थिंग या लीकेज होने पर पूरे पानी में करंट दौड़ सकता है।
राहगीरों की मुसीबत: यह रास्ता मुख्य बाजार और आवासीय क्षेत्र को जोड़ता है, जहाँ से रोजाना सैकड़ों बच्चे और बुजुर्ग गुजरते हैं। अंधेरे के समय यह खतरा और भी गंभीर हो जाता है।
शिकायतों को अनसुना कर रहे अधिकारी
स्थानीय दुकानदारों और सभासदों का आरोप है कि उन्होंने कई बार नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी (EO) और बिजली विभाग के जेई (JE) को इस समस्या से अवगत कराया है।
नगर पंचायत: जल निकासी और पाइपलाइन ठीक करने की जिम्मेदारी नगर पंचायत की है।
बिजली विभाग: विभाग का कहना है कि जब तक पानी नहीं सूखता, वे ट्रांसफार्मर की सुरक्षा जांच नहीं कर सकते।
दोनों विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टाल रहे हैं, जबकि बीच में जनता की जान जोखिम में फंसी है।
आवारा पशुओं पर भी मंडरा रहा खतरा
हस्तिनापुर में आवारा पशुओं की संख्या काफी अधिक है। पानी पीने या वहां से गुजरने के दौरान कई बार पशु ट्रांसफार्मर के संपर्क में आ जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही पाइपलाइन ठीक कर जलभराव नहीं रोका गया, तो वे तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
क्या कहते हैं जिम्मेदार?
मामला मीडिया में आने के बाद नगर पंचायत प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही टीम भेजकर लीकेज को ठीक कराया जाएगा। वहीं, बिजली विभाग के अधिकारियों ने भी सुरक्षा के मद्देनजर बिजली कट कर मरम्मत कार्य में सहयोग देने की बात कही है।
0 टिप्पणियाँ