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ईरान-इजरायल युद्ध के बीच अपनों की आपबीती : धमाकों से कांपा कलेजा, बंकरों में कैद यूपी के लाल


लखनऊ/मेरठ:
पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी भीषण जंग ने उत्तर प्रदेश के सैकड़ों परिवारों की रातों की नींद उड़ा दी है। खाड़ी देशों में रोजी-रोटी के लिए गए यूपी के युवा अब मिसाइलों और धमाकों के बीच बंकरों में रहने को मजबूर हैं। अपनों की सलामती के लिए प्रदेश के कई जिलों में दुआओं का दौर जारी है, वहीं युद्ध क्षेत्र से आ रही खबरें दिल दहला देने वाली हैं।

इजरायल के हाइफा में दहशत, हर 5 मिनट में बज रहे सायरन

इजरायल के हाइफा शहर में काम कर रहे कानपुर के धीरज और राजा ने फोन पर अपने परिजनों को वहां के खौफनाक हालात बताए। उन्होंने बताया कि युद्ध के कारण वहां हर पांच मिनट में सायरन बज रहे हैं, जिसके बाद सभी को तुरंत अपार्टमेंट के नीचे बने सुरक्षित बंकरों में शरण लेनी पड़ती है। धीरज के मुताबिक, शनिवार को उनके निवास से महज 200 मीटर दूर समुद्र में एक मिसाइल गिरी। आसमान में मिसाइलों के फटने और धुएं के गुबार से पूरा इलाका दहल उठा है। फिलहाल वहां रह रहे भारतीयों को कार्यस्थलों पर बने बंकरों में ही रहने की हिदायत दी गई है।

दुबई में 'बुर्ज अल अरब' के पास गिरी मिसाइल, मेरठ का परिवार चिंतित

मेरठ के कांग्रेस जिलाध्यक्ष रहे नरेश चंद शर्मा का बेटा अभिनव शर्मा दुबई में इन्वेस्टमेंट बैंकर है। अभिनव ने रविवार सुबह अपने पिता को फोन कर बताया कि उनके घर से महज 300 मीटर दूर स्थित प्रसिद्ध 'बुर्ज अल अरब' पांच सितारा होटल के पास मिसाइल दागी गई। अभिनव उस वक्त अपने घर के गार्डन में थे, तभी हुए जोरदार धमाके से धरती हिल गई और आसमान में काला धुआं छा गया। दुबई जैसे सुरक्षित माने जाने वाले शहर में हुए इस हमले ने वहां रह रहे भारतीयों के बीच डर पैदा कर दिया है।

रियाद से टूटा संपर्क, उरई का परिवार बेहाल

जालौन के उरई स्थित कदौरा कस्बे के रहने वाले मोहित गुप्ता अपनी पत्नी इला और बच्चों के साथ सऊदी अरब की राजधानी रियाद में एक होटल मैनेजर के तौर पर कार्यरत हैं। शनिवार शाम को हुई आखिरी बातचीत में उनकी पत्नी ने वहां के तनावपूर्ण माहौल की जानकारी दी थी, लेकिन उसके बाद से ही दोनों के मोबाइल बंद आ रहे हैं। नेटवर्क की समस्या या युद्ध के कारण ठप हुई संचार व्यवस्था की आशंका के चलते मोहित के माता-पिता बेहद चिंतित हैं और लगातार टीवी पर रियाद की खबरें देख रहे हैं।

हवाई सेवाएं बंद होने से फंसी 'ईरानी बहू', नहीं मना पाएंगी होली

मुरादाबाद के रहने वाले पंकज दिवाकर कुछ समय पहले अपनी ईरानी पत्नी फायजा के साथ ईरान गए थे। वे दोनों होली मनाने के लिए भारत आने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन अचानक शुरू हुए युद्ध और हवाई सेवाओं (Flights) के निलंबन के कारण वे वहीं फंस गए हैं। पंकज ने परिजनों को बताया कि फिलहाल वहां का माहौल बेहद संवेदनशील है और वे जल्द से जल्द वतन वापसी का रास्ता तलाश रहे हैं।

निष्कर्ष

ईरान-इजरायल संघर्ष ने न केवल अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को हिलाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश के उन मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए भी संकट खड़ा कर दिया है जिनके सदस्य वहां आजीविका कमा रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आ रही ये कहानियां युद्ध की विभीषिका और मानवीय दर्द को बयां करती हैं।

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