'मानसिक स्वास्थ्य' पर रहा जोर
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद के थाना इंचौली क्षेत्र स्थित राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में सात दिवसीय विशेष शिविर का भव्य उद्घाटन हुआ। शिविर के प्रथम दिन छात्राओं को शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ 'मानसिक स्वास्थ्य' (Mental Health) और तनाव प्रबंधन के प्रति जागरूक किया गया।
योग और स्वच्छता के साथ हुई शुरुआत
शिविर के पहले दिन की शुरुआत एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा योग अभ्यास और परिसर की सफाई के साथ हुई। छात्राओं ने 'श्रमदान' के माध्यम से सामाजिक सेवा का संकल्प लिया। कॉलेज की प्राचार्या ने मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर शिविर का औपचारिक उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर छात्राओं के व्यक्तित्व विकास और उनमें सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भरने के लिए आवश्यक हैं।
विशेषज्ञों ने दिए तनाव से मुक्ति के टिप्स
कार्यक्रम के दौरान मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित विशेषज्ञों ने 'आज के युग में मानसिक स्वास्थ्य का महत्व' विषय पर व्याख्यान दिया। वक्ताओं ने बताया कि पढ़ाई और करियर के दबाव के बीच छात्राएं अक्सर तनाव और अवसाद का शिकार हो जाती हैं। इससे बचने के लिए:
नियमित ध्यान (Meditation) और गहरी सांस लेने के व्यायाम करें।
अपनी समस्याओं को साझा करने में संकोच न करें।
सोशल मीडिया के सीमित उपयोग और अच्छी नींद पर ध्यान दें।
विभिन्न गतिविधियों का होगा आयोजन
सात दिनों तक चलने वाले इस शिविर में विभिन्न थीम पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में साक्षरता अभियान, महिला सशक्तिकरण, जल संरक्षण और स्वच्छता सर्वेक्षण जैसे विषय शामिल हैं। इसके अलावा, शाम के सत्र में छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और समूह चर्चाएं भी की जाएंगी।
अनुशासन और सेवा का संदेश
एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य 'स्वयं से पहले सेवा' (Not Me But You) के आदर्श को चरितार्थ करना है। शिविर के माध्यम से छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनमें नेतृत्व क्षमता (Leadership Skills) विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में कॉलेज के सभी शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं।
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