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मेरठ: हस्तिनापुर में मासूम के साथ कुकर्म का प्रयास, ग्रामीणों ने आरोपी को जमकर धुना; पुलिस ने भेजा जेल

मेरठ (हस्तिनापुर): उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के हस्तिनापुर थाना क्षेत्र से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ एक गांव में साढ़े तीन वर्षीय मासूम बच्चे के साथ छेड़खानी और कुकर्म के प्रयास का मामला प्रकाश में आया है। ग्रामीणों ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़कर उसकी जमकर पिटाई की और फिर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।

टॉफी का लालच देकर बंद मकान में ले गया आरोपी

पीड़ित पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, गांव का ही एक युवक बच्चों को बहला-फुसलाकर अपने पास बुला लेता था। रविवार को भी उसने कई बच्चों को इकट्ठा किया, लेकिन बाद में अन्य बच्चों को वहां से भगा दिया। आरोप है कि उसने साढ़े तीन साल के मासूम को टॉफी का लालच दिया और उसे एक सुनसान व बंद पड़े मकान के अंदर ले गया। वहाँ आरोपी ने बच्चे के साथ अश्लील हरकतें करते हुए कुकर्म (Attempt to Sodomy) करने की कोशिश की।

बच्चे की हालत देख परिजनों को हुआ शक

जब बच्चा काफी देर तक घर नहीं पहुँचा, तो परिजन उसकी तलाश में निकले। मासूम बच्चा काफी घबराया हुआ और सहमा हुआ मिला। जब परिजनों ने प्यार से उससे पूछताछ की, तो बच्चे ने अपनी तोतली आवाज में आरोपी की घिनौनी करतूत के बारे में बताया। यह सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। गुस्साए ग्रामीणों ने तुरंत आरोपी को घेराबंदी कर पकड़ लिया और उसकी जमकर धुनाई कर दी।

पुलिस की कार्रवाई और मेडिकल परीक्षण

हस्तिनापुर थाना प्रभारी शशांक द्विवेदी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुँची और आरोपी को हिरासत में लिया। पुलिस ने पीड़ित पिता की तहरीर पर पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मासूम बच्चे का जिला अस्पताल में चिकित्सकीय परीक्षण (Medical Examination) कराया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।

क्षेत्र में आक्रोश का माहौल

इस घटना के बाद से गांव और आसपास के क्षेत्रों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि ऐसे विकृत मानसिकता वाले अपराधियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर कड़ी से कड़ी सजा दिलवाई जाए, ताकि भविष्य में कोई मासूम ऐसे अपराध का शिकार न बने।

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