Looking For Anything Specific?

मवाना: नगर पालिका बोर्ड बैठक में हंगामा

 


सभासदों ने विकास कार्यों और प्रस्तावों पर जताई नाराजगी

मेरठ (मवाना): उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद स्थित मवाना नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक हंगामेदार रही। बैठक में स्थानीय सभासदों ने विकास कार्यों की धीमी गति और पुराने प्रस्तावों पर अमल न होने को लेकर कड़ा रोष व्यक्त किया। पालिका अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी (EO) की मौजूदगी में हुई इस बैठक में कई वार्डों की समस्याओं पर तीखी बहस हुई।

पुराने प्रस्तावों पर कार्रवाई की मांग

सभासदों का मुख्य आरोप था कि पिछले बोर्ड बैठकों में पारित किए गए महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

  • अधूरे निर्माण कार्य: कई वार्डों में सड़कों और नालियों के निर्माण कार्य अधर में लटके हुए हैं, जिससे जलभराव की समस्या बनी हुई है।

  • स्ट्रीट लाइट: मुख्य मार्गों और अंदरूनी गलियों में खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को बदलने की मांग फिर से प्रमुखता से उठाई गई।

  • सफाई व्यवस्था: कूड़ा निस्तारण और नियमित सफाई न होने पर भी सभासदों ने नाराजगी जताई।

'विकास में पक्षपात' का आरोप

बैठक के दौरान कुछ सभासदों ने पक्षपात का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि कुछ चुनिंदा वार्डों में ही बजट का बड़ा हिस्सा खर्च किया जा रहा है, जबकि अन्य वार्ड उपेक्षा का शिकार हैं। सभासदों ने मांग की कि बजट का आवंटन समान रूप से होना चाहिए ताकि पूरे मवाना कस्बे का संतुलित विकास हो सके।

अधिकारियों का स्पष्टीकरण

नगर पालिका के अधिकारियों ने सभासदों को शांत कराते हुए आश्वासन दिया कि तकनीकी प्रक्रियाओं और बजट की उपलब्धता के आधार पर सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता पर पूरा किया जाएगा। अधिशासी अधिकारी ने बताया कि शासन से प्राप्त होने वाली किस्तों और राजस्व वसूली के आधार पर विकास योजनाओं को गति दी जा रही है।

आगामी योजनाएं और बजट पर चर्चा

हंगामे के बीच आगामी वित्तीय वर्ष के लिए कुछ नए विकास प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई:

  1. पेयजल आपूर्ति: गर्मी के मौसम को देखते हुए नलकूपों की मरम्मत और नए पाइपलाइन विस्तार की योजना।

  2. पार्कों का सुंदरीकरण: कस्बे के सार्वजनिक पार्कों के रखरखाव के लिए अलग से बजट प्रावधान।

  3. अतिक्रमण हटाओ अभियान: मुख्य बाजारों में बढ़ते अतिक्रमण को हटाने के लिए पुलिस बल के सहयोग से अभियान चलाने का निर्णय।

बोर्ड बैठक के अंत में सभी सभासदों से अपील की गई कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं की सूची प्राथमिकता के आधार पर कार्यालय में जमा करें ताकि उन पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ