सकौती/मेरठ: दौराला विकास खंड के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक विद्यालय सकौती में वार्षिक उत्सव (Annual Celebration) का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें केवल स्कूली बच्चे ही नहीं, बल्कि पूरे ग्रामीण समुदाय ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। 'शिक्षा और संस्कार' के संगम के रूप में आयोजित इस कार्यक्रम ने सरकारी स्कूलों के बदलते स्वरूप की एक सकारात्मक तस्वीर पेश की।
बच्चों की प्रतिभा ने मोहा मन
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा माँ सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलन और वंदना के साथ हुआ। इसके बाद स्कूली बच्चों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दीं:
सांस्कृतिक कार्यक्रम: बच्चों ने लोक गीतों, देशभक्ति गीतों और 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' जैसे सामाजिक विषयों पर आधारित लघु नाटकों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
पुरस्कार वितरण: शैक्षणिक सत्र के दौरान खेलकूद, चित्रकला और पढ़ाई में अव्वल रहने वाले छात्र-छात्राओं को स्मृति चिह्न और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
सामुदायिक सहभागिता की मिसाल
विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) और ग्राम प्रधान के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक भी मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि जब तक समाज और स्कूल मिलकर काम नहीं करेंगे, तब तक बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। ग्रामीणों ने विद्यालय के सौंदर्यीकरण और सुविधाओं में सुधार के लिए अपने स्तर पर सहयोग देने का संकल्प भी लिया।
डिजिटल और आधुनिक शिक्षा पर जोर
प्रधानाध्यापक ने विद्यालय की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि सरकारी स्कूलों में अब डिजिटल लर्निंग (Digital Learning) और गतिविधि आधारित शिक्षा (Activity Based Learning) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को नियमित स्कूल भेजें और उनकी पढ़ाई की निगरानी करें।
शिक्षकों का उत्साहवर्धन
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने शिक्षकों के समर्पण की सराहना की, जिनके मार्गदर्शन में ग्रामीण अंचल के बच्चे भी नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ और सभी बच्चों को मिष्ठान वितरित किया गया।
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