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बंगाल में फिर से ममता सरकार की वापसी के संकेत, ओवैसी के प्रदर्शन ने चौंकाया


 पश्चिम बंगाल ओपिनियन पोल 2026 :

कोलकाता/नई दिल्ली: निर्वाचन आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों के ऐलान के साथ ही राज्य का पहला ओपिनियन पोल (Opinion Poll) सामने आ गया है। इस सर्वे के नतीजों ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। ओपिनियन पोल के अनुसार, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) एक बार फिर सत्ता में वापसी करती दिख रही है, हालांकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) उसे कड़ी टक्कर दे रही है।

चुनाव की तारीखों का हुआ ऐलान

भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर दो चरणों में मतदान होगा।

  • पहला चरण: 23 अप्रैल 2026

  • दूसरा चरण: 29 अप्रैल 2026

  • नतीजे: 4 मई 2026

क्या कहता है ओपिनियन पोल (सीटों का अनुमान)

सर्वे के अनुसार, टीएमसी को बहुमत मिलने की संभावना है, लेकिन पिछली बार के मुकाबले उसकी सीटों में गिरावट देखी जा सकती है।

  • तृणमूल कांग्रेस (TMC): 155 - 170 सीटें

  • भारतीय जनता पार्टी (BJP): 100 - 115 सीटें

  • AIMIM गठबंधन (ओवैसी): 05 - 06 सीटें

  • कांग्रेस (INC): 00 सीटें

  • अन्य: 00 - 01 सीट

वोट शेयर में मामूली अंतर

ओपिनियन पोल में सबसे चौंकाने वाली बात वोट प्रतिशत है। टीएमसी और बीजेपी के बीच वोट शेयर का अंतर काफी कम हो गया है। सर्वे के मुताबिक टीएमसी को 43-45% वोट मिल सकते हैं, जबकि बीजेपी 41-43% वोट हासिल कर सकती है। अन्य दलों के खाते में 13-15% वोट जाने का अनुमान है।

ओवैसी और हुमायूं कबीर का फैक्टर

इस बार मुस्लिम वोटों के बिखराव की प्रबल संभावना जताई जा रही है। एआईएमआईएम (AIMIM) गठबंधन को 5 से 6 सीटें मिलने का अनुमान है, जो राज्य की राजनीति में एक बड़ा बदलाव हो सकता है। इसके अलावा, टीएमसी से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर की नई पार्टी 'आम जनता उन्नयन पार्टी' भी सुर्खियों में है। उन्होंने मुर्शीदाबाद में 'बाबरी मस्जिद' बनवाने का चुनावी वादा किया है, जिससे मुस्लिम बहुल इलाकों के समीकरण बदल सकते हैं।

मुख्य मुद्दे और राजनीतिक स्थिति

चुनाव प्रचार के केंद्र में नागरिकता (CAA/NRC), संदेशखाली जैसी घटनाएं और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाएं रहने की उम्मीद है। जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कोलकाता में रैली कर 'घुसपैठियों' के मुद्दे पर टीएमसी को घेरा है, वहीं ममता बनर्जी अपनी सरकार के रिपोर्ट कार्ड और 'बाहरी बनाम बंगाली' के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही हैं।

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