बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर अपने बयानों के चलते सुर्खियों में हैं। नागपुर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान, धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदू समाज से जनसंख्या बढ़ाने की अपील करते हुए एक ऐसा बयान दिया, जिसने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल मचा दी है।
मंच पर मौजूद थे मोहन भागवत और बड़े नेता
यह बयान उस समय आया जब मंच पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जैसे दिग्गज मौजूद थे। नागपुर में भारत दुर्गा मंदिर के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बाबा बागेश्वर ने आरएसएस के कार्यों की जमकर सराहना की।
क्या कहा धीरेंद्र शास्त्री ने?
धीरेंद्र शास्त्री ने अपने संबोधन में कहा कि जब भी देश में कोई आपदा आती है, तो आरएसएस का कार्यकर्ता अपनी जान बचाने के बजाय दूसरों की जान बचाने के लिए दौड़ता है। उन्होंने जनता से प्रार्थना करते हुए कहा:
"बच्चे तो चार पैदा करो, लेकिन उनमें से एक आरएसएस को समर्पित कर दो, ताकि वह दूसरों की सेवा और रक्षा के काम आ सके।"
जनसंख्या असंतुलन पर जताई चिंता
इससे पहले भी धीरेंद्र शास्त्री कई बार हिंदुओं की घटती आबादी और जनसंख्या असंतुलन को लेकर चिंता जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में चुटकी लेते हुए यह भी कहा कि जब उनकी शादी होगी, तो वे खुद भी आबादी बढ़ाने में अपना योगदान देंगे। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि हिंदू अभी नहीं जागे, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए अपनी संस्कृति और जमीन की रक्षा करना कठिन हो जाएगा।
सियासी हलचल और प्रतिक्रियाएं
बाबा बागेश्वर के इस "4 बच्चे" वाले फॉर्मूले पर अब बहस छिड़ गई है। जहां उनके समर्थक इसे सनातन धर्म की मजबूती के लिए जरूरी बता रहे हैं, वहीं आलोचक इसे कट्टरता और जनसंख्या नियंत्रण के नियमों के खिलाफ मान रहे हैं। चूंकि यह बयान आरएसएस प्रमुख की मौजूदगी में दिया गया है, इसलिए इसके राजनीतिक मायने और भी गहरे निकाले जा रहे हैं।
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