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दुश्मनों के लिए 'काल'; डॉ. कलाम का वो सपना जो अब बना भारतीय सेना की महाशक्ति

 

नई दिल्ली: भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित 'ध्रुवास्त्र' (Dhruvastra) मिसाइल ने वैश्विक रक्षा जगत में हलचल मचा दी है। इसे टैंकों और बख्तरबंद वाहनों के लिए 'यमराज' माना जा रहा है। विशेष बात यह है कि इस अचूक मिसाइल की परिकल्पना मिसाइल मैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने की थी, जो अब धरातल पर उतरकर भारतीय सेना की ताकत को कई गुना बढ़ाने के लिए तैयार है।

क्या है ध्रुवास्त्र और क्यों है यह इतना घातक?

ध्रुवास्त्र एक 'हेलीकॉप्टर-लॉन्च' एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (ATGM) है, जो नाग (Nag) मिसाइल का उन्नत संस्करण है।

  • 'दागो और भूल जाओ' (Fire and Forget): इसे एक बार लॉन्च करने के बाद गाइड करने की जरूरत नहीं पड़ती, यह अपने टारगेट को खुद ढूंढकर नष्ट कर देती है।

  • अचूक मारक क्षमता: यह मिसाइल दिन हो या रात, और किसी भी मौसम में दुश्मन के टैंकों को नेस्तनाबूद करने में सक्षम है।

  • रेंज: यह 7 किलोमीटर की दूरी तक अपने लक्ष्य को भेद सकती है, जिससे भारतीय ध्रुव और रुद्र जैसे अटैक हेलीकॉप्टर और भी खतरनाक हो गए हैं।

डॉ. कलाम का 'स्वदेशी' विजन

इस मिसाइल की नींव डॉ. कलाम के उस विजन में छिपी है, जिसमें उन्होंने भारत को रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर' बनाने का सपना देखा था।

  1. इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम (IGMDP): ध्रुवास्त्र इसी कार्यक्रम की एक बड़ी उपलब्धि है। डॉ. कलाम चाहते थे कि भारत के पास ऐसे स्वदेशी हथियार हों जो दुनिया के किसी भी आधुनिक हथियार को टक्कर दे सकें।

  2. टैंकों का दुश्मन: युद्ध की स्थिति में दुश्मन के टैंकों की बढ़त रोकना सबसे बड़ी चुनौती होती है। ध्रुवास्त्र को इसी मकसद से तैयार किया गया है कि यह सीमा पार से आने वाले किसी भी बख्तरबंद खतरे को पलक झपकते ही खत्म कर दे।

वैश्विक स्तर पर भारत का बढ़ता कद

ध्रुवास्त्र के सफल परीक्षणों ने भारत को उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल कर दिया है जिनके पास अपनी उन्नत एंटी-टैंक मिसाइल तकनीक है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह मिसाइल न केवल भारतीय सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, बल्कि भविष्य में मित्र देशों को इसके निर्यात की भी प्रबल संभावनाएं हैं।

रक्षा क्षेत्र में 'गेम चेंजर'

  • हल्का वजन: इसे आसानी से ध्रुव जैसे लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टरों पर तैनात किया जा सकता है।

  • टॉप अटैक मोड: यह मिसाइल सीधे ऊपर से हमला करती है, जहाँ टैंकों का कवच सबसे कमजोर होता है।

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