92 वर्ष की आयु में आशा भोंसले का निधन
मुंबई: भारतीय संगीत जगत के लिए आज का दिन एक अपूरणीय क्षति लेकर आया है।
अस्पताल में ली अंतिम सांस
जानकारी के अनुसार, आशा ताई को शनिवार शाम को सीने में संक्रमण और अत्यधिक थकान की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद, रविवार (12 अप्रैल 2026) को उन्होंने इस नश्वर संसार को अलविदा कह दिया।
संगीत का एक विराट सफर
8 सितंबर 1933 को जन्मी आशा भोंसले ने मात्र 10 साल की उम्र से गाना शुरू कर दिया था।
विविधता की रानी: उन्होंने शास्त्रीय संगीत, गजल, पॉप, और कैबरे जैसे हर जॉनर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
विश्व रिकॉर्ड: उनके नाम दुनिया में सबसे अधिक गाने (12,000 से ज्यादा) रिकॉर्ड करने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज है।
सम्मान: उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म विभूषण और भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान दादा साहब फाल्के पुरस्कार से नवाजा गया था।
"End of an Era": दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि
आशा जी के निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश-विदेश की हस्तियों ने दुख व्यक्त किया है।
प्रधानमंत्री मोदी: "आशा भोंसले जी की आवाज़ पीढ़ियों तक गूंजती रहेगी। वे भारतीय संस्कृति की एक ऐसी पहचान थीं जिनकी कमी कभी पूरी नहीं हो पाएगी।"
अमिताभ बच्चन: "संगीत की दुनिया आज शांत हो गई है। आशा ताई का जाना एक युग का अंत है।"
ए.आर. रहमान: "आवाज़ का जादू कभी नहीं मरता। वे हमेशा हमारे दिलों में जीवित रहेंगी।"
कल होगा अंतिम संस्कार
आशा भोंसले का पार्थिव शरीर उनके मुंबई स्थित आवास पर अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया है।
अंतिम विदाई: सोमवार (13 अप्रैल 2026) को मुंबई के शिवाजी पार्क में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था: भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
स्वर कोकिला की बहन और एक अनूठी पहचान
महान गायिका लता मंगेशकर की छोटी बहन होने के बावजूद, आशा जी ने कभी अपनी पहचान को सीमित नहीं होने दिया। उन्होंने संघर्षों का सामना किया और अपनी एक ऐसी शैली विकसित की जो उन्हें दुनिया की सबसे बहुमुखी (Versatile) गायिका बनाती है।
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