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नगर पालिका शपथ ग्रहण समारोह में भारी कुप्रबंधन, अव्यवस्थाओं को लेकर जमकर हंगामा


मेरठ: जनपद की एक स्थानीय नगर पालिका में नवनिर्वाचित चेयरमैन और सभासदों के शप‍थ ग्रहण समारोह (Oath Ceremony) के दौरान उस समय स्थिति असहज हो गई, जब कार्यक्रम में भारी कुप्रबंधन (Mismanagement) देखने को मिला। आयोजन के दौरान बैठने की व्यवस्था से लेकर प्रोटोकॉल के उल्लंघन तक के आरोपों को लेकर नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों और उनके समर्थकों ने जमकर हंगामा किया।

अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ा गरिमामयी कार्यक्रम

शपथ ग्रहण समारोह, जिसे एक उत्सव और जिम्मेदारी के संकल्प के रूप में देखा जाना था, वह अधिकारियों की लापरवाही के कारण विवादों में घिर गया।

  • बैठने की जगह का अभाव: कार्यक्रम स्थल पर क्षमता से अधिक लोगों को आमंत्रित किया गया था, जिसके चलते कई नवनिर्वाचित सभासदों को बैठने के लिए उचित स्थान नहीं मिला।

  • प्रोटोकॉल का उल्लंघन: जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि प्रशासन ने वरीयता क्रम (Protocol) का ध्यान नहीं रखा, जिससे उनकी गरिमा को ठेस पहुंची है।

  • गर्मी और उमस: आयोजन स्थल पर पंखों और ठंडे पानी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण समर्थकों का धैर्य जवाब दे गया।

समर्थकों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक

हंगामा तब और बढ़ गया जब कुछ समर्थकों ने मंच के करीब जाने की कोशिश की। सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिससे दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई। नवनिर्वाचित सभासदों ने मंच के सामने ही धरने पर बैठने की चेतावनी दी, जिसके बाद आनन-फानन में प्रशासनिक अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा।

अधिकारियों की सफाई

मौके पर मौजूद उपजिलाधिकारी (SDM) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराने की कोशिश की। अधिकारियों का कहना है कि भीड़ का अनुमान उम्मीद से अधिक था, जिसके कारण कुछ अव्यवस्थाएं हुईं। उन्होंने आश्वासन दिया कि शपथ ग्रहण की प्रक्रिया को पूरी गरिमा के साथ संपन्न कराया जाएगा और भविष्य में ऐसे आयोजनों में समन्वय का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

राजनीतिक रंग लेने लगा मामला

इस हंगामे को लेकर अब राजनीति भी शुरू हो गई है। विपक्षी दलों ने इसे सत्ता पक्ष और स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत और अहंकार करार दिया है। वहीं, चेयरमैन ने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य क्षेत्र का विकास है और ऐसी बाधाओं को बातचीत से सुलझा लिया जाएगा।

देर शाम संपन्न हुई प्रक्रिया

काफी मान-मनौव्वल और अतिरिक्त कुर्सियों की व्यवस्था के बाद शपथ ग्रहण की औपचारिकताएं पूरी की गईं। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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