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नए शिक्षा सत्र (2026-27) का शंखनाद; 'स्कूल चलो अभियान' के साथ गूंजी स्कूलों में किलकारी


मेरठ: जनपद के तमाम बेसिक शिक्षा परिषदीय विद्यालयों और निजी स्कूलों में आज से नया शैक्षणिक सत्र 2026-27 अत्यंत उत्साह के साथ शुरू हो गया। भीषण गर्मी की चुनौतियों के बीच, बच्चों के स्वागत के लिए स्कूलों को दुल्हन की तरह सजाया गया था। कहीं ढोल-नगाड़े बजे, तो कहीं तिलक लगाकर और फूल बरसाकर नौनिहालों का अभिनंदन किया गया, जिससे पहले ही दिन बच्चों के मन से स्कूल का डर गायब दिखा।

'प्रवेशोत्सव' बना आकर्षण का केंद्र

शासन के निर्देशानुसार, मेरठ के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में आज 'प्रवेशोत्सव' मनाया गया।

  • फूलों से स्वागत: मवाना, हस्तिनापुर और परीक्षितगढ़ ब्लॉक के कई स्कूलों में शिक्षकों ने गेट पर खड़े होकर बच्चों पर पुष्प वर्षा की।

  • मिठाई और गुब्बारे: बच्चों का मुंह मीठा कराया गया और रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजी कक्षाओं ने उनका मन मोह लिया।

  • पुस्तकों का वितरण: सत्र के पहले ही दिन छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें वितरित की गईं, ताकि उनकी पढ़ाई में कोई बाधा न आए।

बदली हुई टाइमिंग ने दी राहत

भीषण गर्मी को देखते हुए शासन द्वारा लागू की गई नई समय सारिणी (Summer Timings) का आज पहला दिन था।

  • समय: स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक संचालित हुए।

  • फायदा: दोपहर की चिलचिलाती धूप और लू शुरू होने से पहले ही बच्चों की छुट्टी हो गई, जिससे अभिभावकों ने बड़ी राहत महसूस की।

  • उपस्थिति: पहले दिन स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति काफी उत्साहजनक रही।

स्कूल चलो अभियान: घर-घर दस्तक

शिक्षकों और शिक्षा विभाग की टीमों ने आज से 'स्कूल चलो अभियान-2026' के तहत रैली निकाली।

  1. उद्देश्य: शत-प्रतिशत नामांकन और आउट ऑफ स्कूल बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना।

  2. नारा: 'आधी रोटी खाएंगे, स्कूल जरूर जाएंगे' और 'मम्मी-पापा हमें पढ़ाओ, स्कूल में नाम लिखाओ' जैसे नारों से मेरठ की गलियां गूंज उठीं।

  3. डिजिटल शिक्षा: अध्यापकों ने अभिभावकों को सरकारी स्कूलों में उपलब्ध कराई जा रही स्मार्ट क्लास और डीबीटी (DBT) सुविधा के बारे में भी जानकारी दी।

एमडीएम (MDM) में विशेष मीनू

सत्र के पहले दिन मिड-डे मील (MDM) के तहत बच्चों के लिए विशेष भोजन की व्यवस्था की गई थी। कई स्कूलों में बच्चों की पसंद की खीर या हलवा परोसा गया, जिसे पाकर बच्चे बेहद खुश नजर आए।

अधिकारियों का निरीक्षण

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) और खंड शिक्षा अधिकारियों ने विभिन्न स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे बच्चों के साथ मित्रवत व्यवहार करें और खेल-खेल में शिक्षा (Activity Based Learning) पर जोर दें।

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