Looking For Anything Specific?

नगर निगम के हाईटेक दफ्तर का उद्घाटन; अब एक ही छत के नीचे डिजिटल तरीके से होंगे जनता के काम

 

मेरठ: महानगर के विकास और प्रशासनिक व्यवस्था को नई ऊंचाई पर ले जाते हुए मेरठ नगर निगम (Municipal Corporation) के नए अत्याधुनिक कार्यालय का सोमवार को भव्य उद्घाटन हुआ। टाउन हॉल स्थित पुराने परिसर के स्थान पर अब यह आधुनिक सुविधाओं से लैस 'स्मार्ट ऑफिस' बनकर तैयार है। प्रशासन का दावा है कि इस नए दफ्तर के शुरू होने से नगर निगम की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी और जनता को अपने कामों के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

क्या हैं नए दफ्तर की खासियतें?

यह नया नगर निगम भवन आधुनिक वास्तुकला और तकनीकी सुविधाओं का बेजोड़ संगम है:

  • सिंगल विंडो सिस्टम: जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, हाउस टैक्स, और ट्रेड लाइसेंस जैसे कार्यों के लिए अब एक ही छत के नीचे 'सिंगल विंडो' की सुविधा होगी।

  • पूरी तरह पेपरलेस: कार्यालय को डिजिटल इंडिया मुहिम के तहत पेपरलेस बनाया गया है, जिससे फाइलों के खोने का डर खत्म होगा और काम की गति बढ़ेगी।

  • स्मार्ट कंट्रोल रूम: शहर की सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट और कूड़ा ढोने वाली गाड़ियों की जीपीएस (GPS) निगरानी के लिए भवन में एक अत्याधुनिक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।

उद्घाटन समारोह और संबोधन

नगर आयुक्त और महापौर की उपस्थिति में आयोजित इस समारोह में शहर के गणमान्य नागरिकों ने हिस्सा लिया।

  1. मेरठ की नई पहचान: महापौर ने अपने संबोधन में कहा कि यह भवन केवल एक दफ्तर नहीं, बल्कि मेरठ के 'स्मार्ट सिटी' बनने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

  2. जनता को समर्पित: अधिकारियों ने बताया कि नए भवन में बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए विशेष रैंप और लिफ्ट की व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें ऊपरी मंजिलों पर स्थित विभागों तक पहुंचने में परेशानी न हो।

  3. पर्यावरण का ध्यान: भवन की छत पर सोलर पैनल लगाए गए हैं, जिससे दफ्तर की बिजली की जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा होगा।

पुराने दफ्तर का क्या होगा?

सूत्रों के अनुसार, पुराने टाउन हॉल परिसर के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए उसे एक सांस्कृतिक केंद्र या लाइब्रेरी के रूप में विकसित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है, ताकि शहर की विरासत सुरक्षित रहे।

जनता को मिलेगा सीधा लाभ

अब तक विभिन्न कार्यों के लिए लोगों को अलग-अलग शाखाओं में भटकना पड़ता था, लेकिन अब केंद्रीयकृत व्यवस्था होने से भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और समय की बचत होगी। शहरवासी अब मोबाइल ऐप के जरिए भी अपनी शिकायतों की स्थिति इस नए सेंटर से ट्रैक कर सकेंगे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ