'सम्मान' की खातिर खौफनाक कदम
मेरठ: जनपद के एक थाना क्षेत्र में भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को शर्मसार करने वाली एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। एक युवती ने अपने ही सगी भाई की हत्या की साजिश रची और अपने प्रेमी के साथ मिलकर उसे मौत के घाट उतरवा दिया। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए बहन और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है।
भाई की 'टोका-टाकी' बनी जान की दुश्मन
पुलिस की शुरुआती जांच और पूछताछ में जो सच सामने आया है, वह चौंकाने वाला है।
अवैध संबंधों में बाधा: आरोपी बहन का किसी युवक के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिसका भाई लगातार विरोध कर रहा था।
सम्मान और मर्यादा का हवाला: बताया जा रहा है कि भाई अपनी बहन की हरकतों और उसके चाल-चलन पर नजर रखता था और उसे मर्यादा में रहने की नसीहत देता था। यही 'टोका-टाकी' बहन को नागवार गुजरी।
खौफनाक फैसला: प्रेमी के प्यार में अंधी बहन ने भाई को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया ताकि वह बिना किसी डर के अपने प्रेमी से मिल सके।
प्रेमी के साथ मिलकर रचा मौत का जाल
बहन ने अपने प्रेमी को पूरी योजना में शामिल किया।
सुनसान जगह पर बुलाया: योजना के मुताबिक, भाई को किसी बहाने से एक सुनसान इलाके या खेत के पास बुलाया गया।
घात लगाकर हमला: वहां पहले से मौजूद प्रेमी और उसके साथियों ने भाई पर जानलेवा हमला कर दिया।
हत्या और फरार: बेरहमी से हत्या करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
पुलिस का शक और खुलासे की कड़ी
जब भाई का शव बरामद हुआ, तो पुलिस ने परिवार के सदस्यों से पूछताछ शुरू की।
बयानों में विरोधाभास: बहन के बयानों में बार-बार बदलाव और उसकी संदिग्ध गतिविधियों ने पुलिस का माथा ठनका दिया।
कड़ाई से पूछताछ: जब पुलिस ने मनोवैज्ञानिक तरीके से बहन से पूछताछ की, तो वह टूट गई और अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि कैसे उसने और उसके प्रेमी ने मिलकर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया।
गांव में दहशत और गम का माहौल
एक ही घर में इस तरह की वारदात होने से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है, जिन्होंने एक ही झटके में अपना बेटा खो दिया और बेटी अब सलाखों के पीछे है।
विधिक कार्रवाई
मेरठ पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथियार और अन्य साक्ष्य बरामद कर लिए हैं। दोनों मुख्य आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस मामले में अन्य मददगारों की तलाश कर रही है ताकि उन्हें भी कड़ी सजा दिलाई जा सके।
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