मलकानगिरी (ओडिशा): ओडिशा के मलकानगिरी जिले में एक सरकारी आवासीय विद्यालय (Residential School) में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। स्कूल के हॉस्टल में परोसा गया दूषित भोजन करने से 100 से अधिक छात्र बीमार हो गए, जिनमें से एक छात्र की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना ने राज्य की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैसे बिगड़ी छात्रों की तबीयत?
यह घटना मलकानगिरी जिले के चित्रकोंडा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले एक सरकारी स्कूल की है।
रात का खाना: सोमवार रात हॉस्टल में छात्रों को खाना परोसा गया था। भोजन करने के कुछ ही देर बाद छात्रों ने पेट दर्द, मतली और उल्टी की शिकायत शुरू कर दी।
मचा हड़कंप: देखते ही देखते छात्रों की हालत बिगड़ने लगी और स्कूल परिसर में चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में बीमार छात्रों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया।
एक छात्र की मौत, कई की हालत गंभीर
अस्पताल में भर्ती कराए गए छात्रों में से एक छात्र ने दम तोड़ दिया। मृतक छात्र की पहचान अभी आधिकारिक तौर पर उजागर नहीं की गई है।
इलाज जारी: वर्तमान में करीब 100 छात्रों का विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में उपचार चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, प्राथमिक तौर पर यह मामला 'फूड पॉइजनिंग' (Food Poisoning) का लग रहा है।
विशेष मेडिकल टीम: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने डॉक्टरों की एक विशेष टीम को स्कूल और अस्पताल भेजा है ताकि छात्रों को बेहतर इलाज मिल सके।
प्रशासन की कार्रवाई और जांच के आदेश
ओडिशा सरकार और स्थानीय प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लिया है:
जांच के निर्देश: जिला कलेक्टर ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। खाने के नमूने (Food Samples) एकत्र कर उन्हें लैब में जांच के लिए भेज दिया गया है।
हॉस्टल प्रबंधन पर सवाल: परिजनों ने स्कूल प्रबंधन और वार्डन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हॉस्टल में साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखा जाता और गुणवत्ताहीन राशन का उपयोग किया जा रहा है।
निलंबन की तैयारी: शुरुआती जांच में दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों और रसोइयों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कही जा रही है।
परिजनों का आक्रोश
हादसे की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक अस्पताल और स्कूल गेट पर पहुंच गए। पीड़ित परिवारों ने सरकार से मुआवजे और दोषियों को जेल भेजने की मांग की है। विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरते हुए आवासीय स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और खान-पान की ऑडिट कराने की मांग की है।
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