भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए उसका बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है। केंद्रीय बैंक के इस कड़े फैसले के बाद अब पेटीएम पेमेंट्स बैंक एक बैंक के रूप में काम नहीं कर पाएगा। आरबीआई ने यह कदम बैंकिंग नियमों के लगातार उल्लंघन और अनुपालन (compliance) से जुड़ी गंभीर खामियों के कारण उठाया है।
क्यों रद्द हुआ लाइसेंस?
आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, पेटीएम पेमेंट्स बैंक में लंबे समय से केवाईसी (KYC) नियमों की अनदेखी की जा रही थी। बैंक के डेटा की सुरक्षा और ट्रांजेक्शन मॉनिटरिंग में भी कई बड़ी खामियां पाई गई थीं। बार-बार चेतावनी देने के बावजूद बैंक इन समस्याओं को दूर करने में विफल रहा, जिसके बाद नियामकीय संस्था ने जमा स्वीकार करने और क्रेडिट ट्रांजेक्शन करने पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
ग्राहकों पर क्या होगा असर?
इस फैसले के बाद पेटीएम पेमेंट्स बैंक के ग्राहक अब अपने खाते में नया पैसा जमा नहीं कर पाएंगे। हालांकि, आरबीआई ने साफ किया है कि जिन ग्राहकों का पैसा पहले से बैंक खाते, वॉलेट या फास्टैग (FASTag) में मौजूद है, वे उसे निकाल सकते हैं या खर्च कर सकते हैं। जब तक खाते में बैलेंस उपलब्ध है, तब तक उसका उपयोग किया जा सकेगा, लेकिन एक बार बैलेंस खत्म होने पर उसे टॉप-अप करना संभव नहीं होगा।
पेटीएम ऐप का भविष्य
आरबीआई की यह कार्रवाई विशेष रूप से 'पेटीएम पेमेंट्स बैंक' पर है, न कि पूरी 'पेटीएम' ऐप पर। पेटीएम ऐप के माध्यम से होने वाले यूपीआई (UPI) ट्रांजेक्शन जारी रहेंगे, बशर्ते वे किसी अन्य बैंक खाते से जुड़े हों। कंपनी अब अन्य बैंकों के साथ साझेदारी कर अपनी सेवाओं को सुचारू रखने की कोशिश कर रही है। निवेशकों और ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे बैंक से जुड़ी आधिकारिक जानकारियों पर ही भरोसा करें।
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