वॉशिंगटन/तेहरान: पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब अपने सबसे निर्णायक और खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अब तक की सबसे कठोर चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि निर्धारित डेडलाइन (मंगलवार रात 8 बजे EDT) तक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को नहीं खोला गया, तो "आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी, जो कभी वापस नहीं आएगी।"
ट्रंप की इस अंतिम चेतावनी के बीच, डेडलाइन समाप्त होने से पहले ही ईरान के प्रमुख बुनियादी ढांचों पर अमेरिकी और इजरायली हमलों का सिलसिला तेज हो गया है।
ट्रंप की 'सभ्यता' वाली चेतावनी
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक के बाद एक कई पोस्ट कर ईरान को सीधे तौर पर धमकाया है।
अंतिम समय सीमा: ट्रंप ने मंगलवार रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 5:30 बजे) की समय सीमा तय की है।
दहला देने वाली धमकी: उन्होंने लिखा, "47 वर्षों का जबरन वसूली, भ्रष्टाचार और मौत का खेल आखिरकार खत्म होगा।
अगर समझौता नहीं हुआ, तो ईरान के पास न कोई बिजली संयंत्र (Power Plant) बचेगा और न ही कोई पुल।" उम्मीद की किरण: हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि शायद कुछ "क्रांतिकारी और अद्भुत" (Revolutionarily Wonderful) घटित हो जाए जिससे इस तबाही को टाला जा सके।
डेडलाइन से पहले भीषण हमले
आधिकारिक डेडलाइन खत्म होने से पहले ही ईरान के कई हिस्सों से धमाकों की खबरें आ रही हैं:
परिवहन नेटवर्क पर हमला: इजरायली वायुसेना ने ईरान के सरकारी बुनियादी ढांचे, विशेष रूप से रेलवे नेटवर्क को निशाना बनाया है। काशान (Kashan) में एक रेलवे ब्रिज पर हुए हमले में कई लोगों के मारे जाने की खबर है।
ऊर्जा संयंत्रों को खतरा: अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि होर्मुज का रास्ता नहीं खुला, तो ईरान के सभी पावर ग्रिड्स को "बिजनेस से बाहर" (Out of Business) कर दिया जाएगा।
ईरान का पलटवार: जवाब में ईरान ने भी खाड़ी देशों में स्थित ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाया है। सऊदी अरब और यूएई (UAE) ने अपने क्षेत्रों में मिसाइल और ड्रोन गतिविधियों की पुष्टि की है।
ईरान की 'मानव श्रृंखला' और रेजिस्टेंस
तेहरान से मिल रही खबरों के अनुसार, ईरानी सरकार ने अपने नागरिकों से अपील की है कि वे बिजली संयंत्रों और महत्वपूर्ण ठिकानों के चारों ओर 'मानव श्रृंखला' (Human Chains) बनाएं।
1.4 करोड़ वॉलंटियर्स: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने दावा किया है कि खुद उनके समेत करीब 1.4 करोड़ ईरानियों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने का संकल्प लिया है।
अंतिम चेतावनी: रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने चेतावनी दी है कि यदि ट्रंप ने अपनी धमकी पूरी की, तो वे पूरे क्षेत्र की तेल और गैस आपूर्ति को सालों के लिए ठप कर देंगे।
वैश्विक बाजारों में हड़कंप
इस युद्ध की आहट ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला दिया है। कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और शिपिंग रूट बंद होने से दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहराने का खतरा पैदा हो गया है। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने अमेरिका को आगाह किया है कि नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय कानून और युद्ध नियमों का उल्लंघन है।
अगले कुछ घंटे न केवल ईरान, बल्कि पूरी दुनिया की शांति और सुरक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
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