Looking For Anything Specific?

यूपी में स्मार्ट मीटर का झंझट होगा खत्म: उपभोक्ताओं को बड़ी राहत; बिजली टैरिफ और बिलिंग पर आया ताजा अपडेट

लखनऊ/मेरठ: उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक राहत भरी खबर सामने आ रही है। पिछले काफी समय से स्मार्ट मीटर (Smart Meters) को लेकर चल रहा विवाद और तकनीकी परेशानियां अब जल्द ही खत्म होने वाली हैं। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) और राज्य सरकार ने उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए स्मार्ट मीटरिंग और बिजली टैरिफ (Electricity Tariff) की व्यवस्था में बड़े सुधार के संकेत दिए हैं।

स्मार्ट मीटर विवाद: क्या था मामला?

उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगने के बाद से ही उपभोक्ताओं ने कई तरह की शिकायतें दर्ज कराई थीं:

  • तेज भागते मीटर: कई लोगों का आरोप था कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनका बिजली बिल अचानक दो से तीन गुना बढ़ गया।

  • तकनीकी खामियां: बिना किसी सूचना के बिजली कट जाना और रिचार्ज होने के बाद भी सप्लाई शुरू न होने जैसी समस्याएं आम थीं।

  • पारदर्शिता की कमी: उपभोक्ता अपने खर्च और यूनिट की सही गणना को लेकर संशय में थे।

सरकार का नया प्लान: समाधान की ओर कदम

शासन ने अब इन समस्याओं के समाधान के लिए एक नया रोडमैप तैयार किया है:

  1. सॉफ्टवेयर अपडेट: स्मार्ट मीटर के बिलिंग सॉफ्टवेयर को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाया जा रहा है ताकि 'जंपिंग यूनिट' की समस्या न रहे।

  2. टैरिफ में स्थिरता: बिजली कंपनियों ने इस वर्ष टैरिफ (दरों) में भारी बढ़ोतरी न करने का प्रस्ताव दिया है, जिससे आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।

  3. उपभोक्ता सहायता केंद्र: स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों के लिए विशेष डेस्क बनाई जा रही हैं, जहाँ 24-48 घंटों के भीतर तकनीकी खामियों को दूर किया जाएगा।

प्रीपेड और पोस्टपेड का विकल्प

विद्युत नियामक आयोग और पावर कॉर्पोरेशन इस बात पर भी विचार कर रहे हैं कि उपभोक्ताओं को प्रीपेड और पोस्टपेड के बीच चुनाव करने का स्पष्ट विकल्प दिया जाए।

  • प्रीपेड के फायदे: उपभोक्ता अपनी जरूरत के हिसाब से रिचार्ज कर सकेंगे, जिससे अनचाहे भारी बिलों से छुटकारा मिलेगा।

  • छूट की संभावना: प्रीपेड स्मार्ट मीटर इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को बिजली दरों में कुछ प्रतिशत की छूट (Rebate) देने की भी योजना है।

बिजली दरों पर क्या है लेटेस्ट अपडेट?

फिलहाल उत्तर प्रदेश में बिजली की दरों को स्थिर रखने की कोशिश की जा रही है।

  • स्लैब व्यवस्था: सरकार छोटे उपभोक्ताओं (Domestic Consumers) के लिए स्लैब व्यवस्था को सरल बनाने पर काम कर रही है ताकि कम बिजली खपत करने वालों को अधिक लाभ मिल सके।

  • किसानों को राहत: कृषि क्षेत्र के लिए बिजली सब्सिडी और मुफ्त बिजली की योजनाओं को जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई गई है।

अधिकारियों की जिम्मेदारी तय

UPPCL के चेयरमैन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि किसी क्षेत्र में स्मार्ट मीटर के कारण गलत बिलिंग पाई जाती है, तो संबंधित डिस्कॉम (जैसे PVVNL) के अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे किसी भी विसंगति की स्थिति में विभागीय ऐप या टोल-फ्री नंबर 1912 पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ