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मेरठ में सीलिंग और बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ व्यापारियों में उबाल, बड़े आंदोलन की तैयारी


उत्तर प्रदेश के मेरठ में जिला प्रशासन और विकास प्राधिकरण द्वारा की जा रही सीलिंग व बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में स्थानीय व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा है। दुकानों और व्यावसायिक परिसरों पर चल रही तोड़फोड़ की कार्रवाई से व्यापारियों में भारी हड़कंप मचा हुआ है। इसी को लेकर मेरठ के व्यापारियों ने लामबंद होकर एक बड़ी बैठक बुलाई है और प्रशासन के खिलाफ एक बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं।


व्यापारियों में क्यों है आक्रोश?

व्यापारी संगठनों का आरोप है कि बिना उचित नोटिस दिए या पक्ष सुने बिना अचानक दुकानों और परिसरों को सील किया जा रहा है या उन पर बुलडोजर चलाया जा रहा है।

  • आजीविका का संकट: व्यापारियों का कहना है कि इस तरह की अचानक की गई कार्रवाई से उनकी बरसों की मेहनत और रोजी-रोटी पर संकट आ गया है।

  • प्रशासनिक तानाशाही का आरोप: शहर के कई बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों के व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि मनमाने तरीके से नियमों का हवाला देकर उत्पीड़न किया जा रहा है।

  • मांगें और विरोध: व्यापारी संघों ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर प्रशासन ने इस दंडात्मक कार्रवाई पर तुरंत रोक नहीं लगाई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

बड़े आंदोलन की तैयारी

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न व्यापार मंडलों के नेता एक मंच पर आ गए हैं। आने वाले दिनों में प्रशासन के खिलाफ एक विशाल प्रदर्शन, धरना या बाजार बंद जैसी बड़ी रणनीति पर विचार किया जा रहा है। व्यापारी नेता लगातार बैठकें कर रहे हैं और सरकार से मांग कर रहे हैं कि व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस तरह की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए और संवाद के जरिए समाधान निकाला जाए।

इस विरोध प्रदर्शन से मेरठ का सियासी और प्रशासनिक पारा चढ़ गया है, और सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है।

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