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सोनू हत्याकांड : पुलिस का घेरा तोड़ कमिश्नरी पार्क में घुसे कश्यप समाज के लोग, पंचायत की


- पांच जनवरी की रात सोनू कश्यप की सलावा क्षेत्र में हत्या कर मोबिल ऑयल डालकर जला दिया गया था शव  

- 50 लाख मुआवजा, सरकारी नौकरी, सीबीआई जांच और सरकारी पट्टे की मांग 

- कश्यप समाज की पंचायत को लेकर सुबह से अलर्ट थी फोर्स, छावनी बना इलाका

मेरठ | सोनू हत्याकांड के विरोध में कश्यप समाज की पंचायत रोकने में पुलिस प्रशासन पूरी तरह से फेल रहा। पुलिस ने मेरठ में कमिश्नरी पार्क के आसपास तमाम रास्तों पर पुलिस-पीएसी और आरएएफ लगाकर रास्तों को ब्लॉक किया लेकिन लोग सुरक्षा घेरा तोड़कर कमिश्नरी पार्क में घुस आए। पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पंचायत की। मृतक सोनू की बहन भी साथ रही। काफी हंगामे के बाद चार मांगों को लेकर ज्ञापन एडीएम सिटी और एसपी सिटी को देते हुए सीबीआई जांच, सरकारी नौकरी, 50 लाख रुपये मुआवजा और जमीन का पट्टा देने की मांग की गई। फिलहाल मांगों को पूरा कराने के लिए आश्वासन दिया गया है। 

मुजफ्फरनगर कोतवाली निवासी रोहित उर्फ सोनू कश्यप की पांच जनवरी की रात मेरठ के सलावा क्षेत्र में हत्या कर दी गई थी। हत्या करने के बाद सोनू के शव को मोबिल ऑयल डालकर जला दिया गया था। पुलिस ने शव बरामद होने के बाद 24 घंटे में मृतक की पहचान और घटना का खुलासा करते हुए हत्यारोपी किशोर की गिरफ्तारी की। 

खुलासा हुआ था कि रोहित उर्फ सोनू अपनी मौसी मदनवती से मिलने उनके ज्वालागढ़ स्थित घर आ रहा था। रास्ते में टेम्पो चालक से गाना बजाने को लेकर उसका विवाद हुआ था। सोनू हत्याकांड को लेकर परिजन और समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि घटना में कई आरोपी थे और पुलिस इन्हें बचा रही है। 

अपनी मांगों को लेकर कश्यप समाज के लोगों ने शुक्रवार दोपहर कमिश्नरी पार्क में पंचायत का ऐलान किया था। पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए मैसेज के बाद कचहरी के आसपास का पूरा इलाका सील कर दिया। शुक्रवार सुबह से पुलिस-पीएसी और आरएएफ को लगाकर रास्तों को रोका गया। बावजूद इसके दोपहर करीब 12.30 बजे पुलिस का सुरक्षा घेरा तोड़कर समाज के लोग कमिश्नरी पार्क में घुस आए। इस दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पंचायत शुरू कर दी। पंचायत में मेरठ के आसपास के कई जिलों से संगठन के लोग शामिल होने आए थे। 

पुलिस पर कातिलों को बचाने का आरोप

पंचायत में सोनू के हत्यारों को फांसी देने की मांग की गई। आरोप लगाया इतनी बड़ी वारदात को एक किशोर कैसे अंजाम दे सकता है। आरोप लगाया पुलिस अन्य आरोपियों को बचा रही है। सोनू की बहन आरती ने इंसाफ मांगा। कहा दोषी पकड़े जाएं और सजा मिलनी चाहिए। साफ कहा इस घटना को लेकर कोई जातिवाद न फैलाए। पंचायत के दौरान एडीएम सिटी ब्रिजेश सिंह और एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह को ज्ञापन देते हुए केस की जांच सीबीआई से कराने, पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा, परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी और जमीन का पट्टा देने की मांग की गई। कार्रवाई के लिए 15 दिन का समय दिया गया।

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