-19, 20 और 21 फरवरी को है मेरठ में मोहन भागवत का प्रवास, इससे पहले एक फरवरी से 15 फरवरी के बीच होंगे कई हिंदू सम्मेलन
मेरठ | मेरठ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत के आगमन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। उनके प्रवास से पहले संघ मेरठ समेत वेस्ट यूपी में वैचारिक माहौल बनाने के लिए बड़े स्तर पर 'जन जागरण' अभियान चलाने जा रहा है। मोहन भागवत 19, 20 और 21 फरवरी को मेरठ में प्रवास करेंगे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत के आगामी मेरठ प्रवास को लेकर संघ ने रणनीति तैयार कर ली है। भागवत के आने से पहले मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में हिंदुत्व की लहर और सामाजिक एकजुटता को मजबूत करने के लिए 'हिंदू सम्मेलनों' की शृंखला आयोजित की जाएगी। उनके आगमन की पृष्ठभूमि तैयार करने के लिए संघ ने एक फरवरी से 15 फरवरी के बीच विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। एक फरवरी, आठ फरवरी और 15 फरवरी को मेरठ समेत वेस्ट यूपी में बड़े पैमाने पर हिंदू सम्मेलनों के माध्यम से संदेश दिया जाएगा। इन सम्मेलनों का उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक पहुंच बनाना और हिंदू समाज को एकजुट करना है।
सूत्रों के अनुसार इन 15 दिनों में विभिन्न बस्तियों और खंडों में बैठक, गोष्ठियां और सम्मेलन किए जाएंगे ताकि सरसंघचालक के प्रवास के दौरान माहौल पूरी तरह से संघमय रहे। वैसे आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत का यह प्रवास केवल एक संगठनात्मक बैठक नहीं है, बल्कि इसके जरिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संघ अपनी पैठ को और अधिक गहरा करने की कोशिश में है।
बड़े संत और प्रचारक होंगे शामिल
हिंदू सम्मेलनों में बड़े संत और आरएसएस के प्रचारक शामिल होंगे। एक फरवरी के हिंदू सम्मेलन में स्वामी अनंतानंद सरस्वती, महामंडलेश्वर स्वामी ईश्वर दास का संबोधन होगा। इसी तरह आठ फरवरी के हिंदू सम्मेलन में चिन्मयानंद बापू, संत योग साधनानंद के साथ संघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य फूल सिंह का संबोधन होगा। 11 फरवरी के हिंदू सम्मेलन में पीठाधीश्वर रितेश्वर महाराज, आरएसएस के अखिल भारतीय सदस्य वी भागैया आदि का संबोधन होगा। 15 फरवरी के आयोजन में विश्व हिन्दू परिषद के संयुक्त महासचिव सुरेन्द्र कुमार जैन मुख्य वक्ता होंगे।
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