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यूजीसी रेगुलेशन : कैंपस से कमिश्नरी तक उबाल, पुलिस से नोकझोंक

- चौ. चरण सिंह विवि कैंपस में छात्र और क्षत्रिय समाज एकजुट होकर पहुंचें

- कमिश्नरी तक पैदल मार्च नहीं निकाल पाए, भारी पुलिस फोर्स रहा तैनात

मेरठ। शैक्षिक संस्थानों में भेदभाव खत्म करने को लागू यूजीसी रेगुलेशन का बुधवार को विरोध और तेज हो गया। कैंपस से कॉलेज और गांव से शहर तक सामान्य वर्ग के लोग और छात्रों ने यूजीसी रेगुलेशन को काला कानून बताते हुए नारे लगाए। चौ. चरण सिंह विवि कैंपस से कमिश्नरी तक छात्र संगठनों ने पैदल मार्च की अपील की थी, लेकिन भारी पुलिस फोर्स तैनात रही। विवि के मुख्य द्वार बंद कर दिए। कैंपस में छात्र और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई। कमिश्नरी पर भी विभिन्न संगठनों ने यूजीसी रेगुलेशन के विरोध में ज्ञापन सौंपते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। संगठनों ने कहा कि यदि सामान्य वर्ग के हितों की रक्षा नहीं की गई तो वे लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे। 

कैंपस में एंट्री बंद, पुलिस का डेरा

सीसीएसयू कैंपस से पैदल मार्च की अपील पर मुंडाली से अतुल तोमर, करण पुंडीर के नेतृत्व में अनेक युवा दस बजे ही पहुंच गए। विरोध को देखते हुए कैंपस में पीएसी सहित पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। 11 बजे युवाओं ने कमिश्नरी तक पैदल मार्च की शुरुआत करनी चाही, लेकिन गेट बंद कर दिए गए। इससे युवा और पुलिस अधिकारियों के बीच नोकझोंक हुई। युवाओं ने नारे लगाते हुए कहा कि यूजीसी द्वारा थोपा गया यह रेगुलेशन शिक्षा सुधार के नाम पर सामान्य वर्ग के छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय है। सामान्य वर्ग ठगा महसूस कर रहा है। युवाओं ने कहा कि यह केवल शैक्षिक समस्या नहीं बल्कि सामान्य वर्ग के बच्चों का गंभीर मानसिक उत्पीडन है और इसकी जिम्मेदारी नीति निर्माताओं पर जाती है। करीब एक घंटे हंगामे, नारेबाजी और प्रदर्शन के बाद एडीएम ने कैंपस पहुंचकर छात्रों से ज्ञापन लिया। 

कमिश्नरी पर करणी सेना की हुंकार

कमिश्नरी पर करणी और अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने प्रदर्शन करते हुए काले कानून को खत्म करने की मांग की। करणी सेना के प्रदेश संगठन मंत्री निश्चय सोम के नेतृत्व में युवाओं ने कहा कि यूजीसी का यह रेगुलेशन समानता लाने के बजाय भेदभाव करने वाला और एकतरफा है। प्रदेश संगठन मंत्री ने कहा कि रेगुलेशन एकतरफा और दमनकारी है। इसमें जातिगत भेदभाव की परिभाषा अस्पष्ट और व्यापक है, जिसका प्रयोग सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के खिलाफ हथियार के रूप में किया जाएगा। क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष ठाकुर कुलदीप तोमर ने यूजीसी रेगुलेशन को वापस लेने, भविष्य में नियम लागू करने से पहले सभी पक्षों से व्यापक विचार-विमर्श करने, सभी वर्गों के लिए न्यायपूर्ण, समान, पारदर्शी प्रणाली विकसित करने की मांग की। दोनों ही संगठनों ने डीएम के जरिए केंद्र सरकार को ज्ञापन भेजते हुए कार्रवाई की मांग की।  

सर्व सवर्ण समाज, महिलाओं की बैठक आज

युवा ब्राह्मण समाज संगठन ने सवर्ण समाज के विरुद्ध यूजीसी द्वारा लाए रेगुलेशन के विरोध में आज एनएएस इंटर कॉलेज में 2:30 बजे सर्व सवर्ण समाज एवं मातृ शक्ति की बैठक बुलाई है। संगठन ने समाज के लोगों से एकजुट कर इस मुहिम में शामिल होने की अपील की है। संगठन ने कहा कि यह पहल भविष्य में सवर्ण समाज के बच्चों के भविष्य को बचाने के लिए जरूरी है। संगठन ने एकजुट होकर अपने-अपने जनप्रतिनिधियों पर नियमों को वापस लेने का दबाव बनाने की अपील की है। संगठन ने कहा कि यदि सवर्ण समाज के हितों की रक्षा नहीं होती तो वे वोट देने से पहले अपने बच्चों के भविष्य की सुरक्षा का विचार करेंगे। कहा कि उनका किसी भी समाज से विरोध नहीं है, लेकिन और समाजों के नाम पर अपना उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेंगे।

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