सहारनपुर । कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा है कि असम के मुख्यमंत्री लगातार अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को शोभा नहीं देता। कहा कि नफरत की राजनीति संविधान की मर्यादा तोड़ रही है।
एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा संविधान की अवमानना है। संविधान ने देश के हर नागरिक को बराबरी का अधिकार दिया है, ऐसे में जाति और धर्म के नाम पर लोगों को बांटने की राजनीति देश के लिए नुकसानदायक है। इमरान मसूद ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा नए यूजीसी नियमों पर रोक लगाए जाने के फैसले पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय जो कानून बनाया गया था, उसका उद्देश्य दलितों के संरक्षण और उनके हितों की रक्षा करना था। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा भाजपा सरकार सिर्फ दिखावा कर रही है और जातिगत संघर्ष को बढ़ावा देकर सत्ता हासिल करना चाहती है। इमरान मसूद ने कहा कि देश की एकता और संविधान की गरिमा बनाए रखना सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है, लेकिन नफरत और विभाजन की राजनीति से संविधान की मूल भावना को चोट पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा संविधान और सामाजिक न्याय के पक्ष में खड़ी रही है।
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