तेहरान/दुबई: मिडिल ईस्ट में तनाव अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है। शनिवार को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के विभिन्न ठिकानों पर किए गए 'प्रिवेंटिव एयरस्ट्राइक' के दौरान दक्षिण ईरान के मीनाब (Minab) शहर में एक गर्ल्स स्कूल पर मिसाइल गिरने से कम से कम 51 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' (Operation Epic Fury) के तहत किए गए इस हमले में 60 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
मीनाब में मचा कोहराम: स्कूल बना निशाना
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हॉर्मोज़्गन प्रांत के मीनाब शहर में स्थित इस बालिका विद्यालय पर उस समय हमला हुआ जब वहां शैक्षणिक गतिविधियां चल रही थीं। शुरुआती रिपोर्टों में मरने वालों की संख्या 40 बताई गई थी, जो अब बढ़कर 51 हो गई है। घायलों को स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कई की हालत नाजुक बनी हुई है।
अमेरिका-इजरायल का साझा हमला और ट्रम्प का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने इसे ईरान के परमाणु कार्यक्रम और 'आतंकवाद' के खिलाफ एक बड़ी जवाबी कार्रवाई करार दिया। ट्रम्प ने ईरानी जनता से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी सरकार का तख्तापलट कर दें। इस हमले के केंद्र में तेहरान स्थित ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का परिसर भी रहा, जहां धुएं के गुबार उठते देखे गए।
ईरान का पलटवार: खाड़ी देशों में गूंजे धमाके
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इस हमले के जवाब में मिसाइलों और ड्रोन्स की 'पहली लहर' शुरू कर दी है। ईरान ने न केवल इजरायल को निशाना बनाया, बल्कि बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े (5th Fleet) के मुख्यालय पर भी मिसाइलें दागीं। इसके अलावा, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की राजधानी अबू धाबी और दुबई में भी धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। UAE प्रशासन के अनुसार, एक ईरानी मिसाइल के मलबे की चपेट में आने से वहां भी एक व्यक्ति की मौत हुई है।
वैश्विक उड़ानों पर असर और क्षेत्र में सन्नाटा
युद्ध की आहट के बीच मिडिल ईस्ट का हवाई क्षेत्र (Airspace) लगभग खाली हो गया है। इजरायल, जॉर्डन, यूएई और कतर ने अपनी हवाई सीमाएं बंद कर दी हैं। एयर इंडिया सहित दुनिया की प्रमुख एयरलाइनों ने क्षेत्र की उड़ानें रद्द कर दी हैं, जिससे हजारों यात्री फंसे हुए हैं।
निष्कर्ष: क्या यह तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत है?
रूस और तुर्की जैसे देशों ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएगा। गर्ल्स स्कूल पर हुए इस हमले ने वैश्विक स्तर पर मानवाधिकारों और युद्ध के नियमों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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