नई दिल्ली: मध्य पूर्व (Middle East) में छिड़े भीषण युद्ध ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव और हालिया सैन्य हमलों के बाद वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इस गंभीर स्थिति पर एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने गहरी चिंता व्यक्त की है और केंद्र सरकार से भारतीयों की तत्काल स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने की मांग की है।
50,000 भारतीयों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता
हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया और मीडिया बयानों के जरिए सरकार का ध्यान इस ओर खींचा है कि ईरान और उसके पड़ोसी देशों में लगभग 50,000 भारतीय नागरिक मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि युद्ध की स्थिति में इन नागरिकों की जान को गंभीर खतरा हो सकता है। ओवैसी ने उम्मीद जताई कि मोदी सरकार जल्द से जल्द ठोस कदम उठाएगी और इन सभी नागरिकों को सुरक्षित भारत वापस लाएगी।
मिडिल ईस्ट में बिगड़ते हालात और हवाई पाबंदियां
ईरान द्वारा इजरायल पर किए गए मिसाइल हमलों और उसके बाद अमेरिका-इजरायल की जवाबी कार्रवाई ने खाड़ी क्षेत्र को युद्ध के मैदान में बदल दिया है। सुरक्षा कारणों से ईरान, इजरायल, जॉर्डन और यूएई जैसे देशों ने समय-समय पर अपने हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद किए हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर बुरा असर पड़ा है और कई भारतीय नागरिक विदेशों में फंस गए हैं। ओवैसी ने सरकार से आग्रह किया है कि वह इन देशों के साथ कूटनीतिक बातचीत कर निकासी अभियान (Evacuation Mission) की योजना बनाए।
विदेश मंत्रालय की पैनी नजर और एडवाइजरी
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने पहले ही इस क्षेत्र में यात्रा को लेकर कड़ी एडवाइजरी जारी की है। भारतीयों को उन देशों की यात्रा न करने की सलाह दी गई है जो युद्ध की चपेट में हैं। सरकार वहां मौजूद भारतीय दूतावासों के माध्यम से नागरिकों के संपर्क में है। हालांकि, ओवैसी का कहना है कि स्थिति को देखते हुए केवल एडवाइजरी काफी नहीं है, बल्कि सक्रिय रूप से लोगों को बाहर निकालने की जरूरत है।
निष्कर्ष: कूटनीतिक और मानवीय चुनौती
मध्य पूर्व में बढ़ता यह तनाव न केवल एक रणनीतिक चुनौती है, बल्कि हजारों भारतीय परिवारों के लिए एक मानवीय संकट भी बन गया है। अब सभी की निगाहें केंद्र सरकार पर टिकी हैं कि वह 'ऑपरेशन गंगा' या 'वंदे भारत' मिशन की तर्ज पर इन 50,000 भारतीयों को वापस लाने के लिए क्या कदम उठाती है।
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