मेरठ | मेरठ के लिसाड़ी गेट क्षेत्र के किदवई नगर में सोमवार रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। एक कपड़ा कारोबारी के घर में भीषण आग लगने से परिवार की एक महिला और पांच मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया और पुलिस-प्रशासन की टीमें मौके पर तैनात रहीं।
शॉर्ट सर्किट बना काल, धूं-धूं कर जला मकान
शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। किदवई नगर स्थित गली नंबर-3 में रहने वाले कपड़ा कारोबारी इकबाल के घर में सोमवार रात करीब 8:30 बजे अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और घर की दूसरी मंजिल पर मौजूद लोग फंस गए। बताया जा रहा है कि घर में कपड़ों का स्टॉक होने के कारण आग बहुत तेजी से फैली।
हादसे के वक्त मस्जिद गए थे परिवार के पुरुष
जब यह भयानक हादसा हुआ, तब परिवार के पुरुष सदस्य (इकबाल और उनके भाई) पास की मस्जिद में नमाज पढ़ने गए थे। घर में महिलाएं और बच्चे ही मौजूद थे। स्थानीय लोगों ने जब घर से आग की लपटें और धुंआ उठता देखा, तो चीख-पुकार मच गई। तंग गलियां होने के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को भी मौके पर पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
मृतकों में 6 महीने की जुड़वां बच्चियां भी शामिल
इस अग्निकांड में जान गंवाने वालों में एक महिला और पांच बच्चे शामिल हैं। मृतकों की पहचान रुखसार (30 वर्ष), महविश (12 वर्ष), हम्माद (4 वर्ष), अद्दस (3 वर्ष) और 6 माह की दो जुड़वां बहनों, नबिया और इनायत के रूप में हुई है। पुलिस और दमकल कर्मियों ने दीवार तोड़कर पीड़ितों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
प्रशासनिक अधिकारियों ने लिया जायजा
हादसे की सूचना मिलते ही डीएम डॉ. वीके सिंह और एसएसपी अविनाश पांडे भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। फॉरेंसिक टीम भी आग के कारणों की सटीक जानकारी जुटाने में लगी है।
निष्कर्ष
मेरठ की इस घटना ने पूरे शहर को गमगीन कर दिया है। घनी आबादी वाले क्षेत्रों में बिजली के तारों की सुरक्षा और फायर सेफ्टी मानकों की कमी एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर रही है। एक हंसते-खेलते परिवार के 6 चिरागों का बुझना प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ी सीख है।
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