बागपत (बिनौली): उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बिनौली क्षेत्र स्थित मिलान गांव में उस वक्त शोक की लहर दौड़ गई, जब सीमा सुरक्षा बल (BSF) के एक जवान के निधन की खबर सामने आई। देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जांबाज जवान ने बीमारी के चलते उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। जवान के पार्थिव शरीर के गांव पहुँचते ही पूरे इलाके में गमगीन माहौल हो गया और 'भारत माता की जय' के नारों के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई।
बीमारी के कारण चल रहा था उपचार
जानकारी के अनुसार, मिलान गांव निवासी बीएसएफ जवान पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनका उपचार एक प्रतिष्ठित अस्पताल में किया जा रहा था, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद चिकित्सक उन्हें बचा नहीं सके। जवान के असामयिक निधन की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। सेना और प्रशासन के अधिकारियों को सूचित करने के बाद पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव लाया गया।
राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
शहीद जवान का अंतिम संस्कार पूरे सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ संपन्न हुआ। बीएसएफ की टुकड़ी ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर (Guard of Honour) दिया और हवा में गोलियां दागकर अपने साथी को अंतिम सलामी दी। अंतिम यात्रा में भारी संख्या में ग्रामीणों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने शिरकत की। नम आँखों से परिजनों और ग्रामीणों ने जवान को मुखाग्नि दी।
गांव में शोक, परिवार को सांत्वना देने पहुँचे लोग
जवान के निधन से पूरे मिलान गांव में सन्नाटा पसरा है और कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले। ग्रामीणों का कहना है कि जवान अत्यंत सरल स्वभाव के थे और गांव के युवाओं के लिए प्रेरणा के स्रोत थे। सांत्वना देने पहुँचे अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी मदद और पेंशन संबंधी लाभ जल्द से जल्द दिलाने का आश्वासन दिया है।
देश सेवा का जज्बा हमेशा रहेगा याद
बागपत की मिट्टी ने देश को कई वीर योद्धा दिए हैं और इस जवान का बलिदान भी उन्हीं स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है। स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि जवान की स्मृति में गांव में किसी सार्वजनिक स्थल या सड़क का नामकरण किया जाए ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके देश सेवा के जज्बे से सीख ले सकें।
0 टिप्पणियाँ