मेरठ: जनपद के एक प्रतिष्ठित सरकारी महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के स्वयंसेवकों द्वारा सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ और जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक भव्य रैली का आयोजन किया गया। इस रैली के माध्यम से छात्रों ने समाज में व्याप्त विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर नागरिकों का ध्यान आकर्षित किया और एक स्वस्थ व शिक्षित समाज के निर्माण की अपील की।
सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रही रैली
एनएसएस इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस रैली में स्वयंसेवकों ने हाथों में तख्तियां और स्लोगन लिखी पट्टियां ले रखी थीं। रैली का मुख्य फोकस 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ', 'स्वच्छ भारत अभियान', 'नशा मुक्ति' और 'पर्यावरण संरक्षण' जैसे विषयों पर था। छात्रों ने नारों के माध्यम से राहगीरों और स्थानीय निवासियों को जागरूक किया कि समाज की प्रगति के लिए इन कुरीतियों का खात्मा अनिवार्य है।
प्राचार्य और कार्यक्रम अधिकारियों ने दिखाई हरी झंडी
महाविद्यालय के प्राचार्य ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र के पुनर्निर्माण का मुख्य आधार है। एनएसएस जैसे संगठन छात्रों में सेवा भाव और नागरिक बोध विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम अधिकारियों के कुशल निर्देशन में स्वयंसेवकों ने अनुशासित तरीके से पूरे क्षेत्र का भ्रमण किया।
नुक्कड़ नाटक और संवाद के जरिए जागरूकता
रैली के दौरान कुछ प्रमुख चौराहों पर स्वयंसेवकों ने लघु नुक्कड़ नाटकों का भी मंचन किया। इन नाटकों के जरिए जल संरक्षण और मतदान के महत्व को बेहद प्रभावी ढंग से दर्शाया गया। स्थानीय लोगों ने छात्रों के इस प्रयास की सराहना की और कई नागरिकों ने स्वयंसेवकों के साथ संवाद कर इन सामाजिक अभियानों में अपना सहयोग देने का संकल्प लिया।
व्यक्तित्व विकास का सशक्त माध्यम है एनएसएस
महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस प्रकार के आयोजनों से न केवल समाज में जागरूकता आती है, बल्कि छात्रों के व्यक्तित्व में भी निखार आता है। उन्हें जमीनी स्तर की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए काम करने का अनुभव मिलता है। रैली के समापन पर सभी स्वयंसेवकों को समाज सेवा के प्रति समर्पित रहने की शपथ दिलाई गई।
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