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द्वारका में 6 साल की मासूम से दुकान के अंदर दरिंदगी, आरोपी गिरफ्तार


नई दिल्ली: देश की राजधानी के द्वारका इलाके से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ एक 6 साल की मासूम बच्ची के साथ एक दुकान के अंदर दुष्कर्म किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर शहर में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

चॉकलेट का लालच देकर दुकान में बुलाया

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, घटना द्वारका सेक्टर के एक रिहायशी इलाके की है। पीड़ित बच्ची अपने घर के पास खेल रही थी, तभी पड़ोस में दुकान चलाने वाले आरोपी ने उसे चॉकलेट और खाने के सामान का लालच देकर अपनी दुकान के अंदर बुला लिया।

  • वारदात: आरोपी ने दुकान का शटर अंदर से बंद कर लिया और मासूम के साथ घिनौनी करतूत को अंजाम दिया।

  • खुलासा: बच्ची जब बदहवास हालत में घर पहुँची और परिजनों को आपबीती सुनाई, तो परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई और पॉक्सो एक्ट

परिजनों की शिकायत मिलते ही दिल्ली पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और बच्ची को तुरंत मेडिकल जांच के लिए सफदरजंग अस्पताल भेजा।

  1. गिरफ्तारी: पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर भागने की कोशिश कर रहे आरोपी को चंद घंटों के भीतर ही दबोच लिया।

  2. धाराएं: आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत सख्त मामला दर्ज किया गया है।

फॉरेंसिक जांच और साक्ष्य संकलन

द्वारका जिला पुलिस की फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल (दुकान) का बारीकी से निरीक्षण किया है।

  • CCTV फुटेज: पुलिस ने दुकान के बाहर और गली में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है, जिसमें बच्ची को दुकान के अंदर जाते हुए देखा जा सकता है। यह फुटेज अदालत में मुख्य साक्ष्य के रूप में पेश की जाएगी।

  • बयान दर्ज: बच्ची की हालत स्थिर होने के बाद महिला पुलिस अधिकारियों और काउंसलर्स की मौजूदगी में उसके बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश

इस जघन्य अपराध की खबर फैलते ही स्थानीय निवासियों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। लोगों ने पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन कर आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की मांग की है। निवासियों का कहना है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी अगर बच्चे सुरक्षित नहीं हैं, तो यह पुलिस गश्त और सामाजिक सुरक्षा की बड़ी विफलता है।

दिल्ली महिला आयोग का संज्ञान

दिल्ली महिला आयोग (DCW) ने भी इस मामले में दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने पीड़ित परिवार को हर संभव कानूनी और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।

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