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2 दिनों में 6 जहाजों को बनाया निशाना, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गहराया संकट

 


तेहरान/दुबई: ईरान और इजरायल के बीच जारी भीषण युद्ध अब समुद्र की लहरों तक पहुंच गया है। सामरिक रूप से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ईरान ने पिछले 48 घंटों के भीतर छठे व्यापारिक जहाज को निशाना बनाकर सनसनी फैला दी है। ईरान की इस आक्रामक कार्रवाई से न केवल खाड़ी देशों में तनाव चरम पर है, बल्कि पूरी दुनिया में तेल और गैस की सप्लाई चेन ठप होने का खतरा पैदा हो गया है।

48 घंटे में 6 जहाजों पर हमला: समुद्री डकैती या युद्ध?

ताजा रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) और उनके समर्थित गुटों ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले विदेशी जहाजों को निशाना बनाया है। शनिवार और रविवार के बीच कुल 6 जहाजों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए गए हैं, जबकि कुछ को जबरन रोककर कब्जे में लेने की कोशिश की गई। ईरान का दावा है कि ये जहाज इजरायल या उसके सहयोगियों से जुड़े हुए हैं, हालांकि अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठनों ने इसे 'खुली समुद्री डकैती' करार दिया है।

वैश्विक ऊर्जा संकट: क्यों डरी हुई है पूरी दुनिया?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का वह संकरा रास्ता है जहाँ से वैश्विक कच्चे तेल (Crude Oil) का लगभग 20% से 30% हिस्सा गुजरता है। सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और इराक जैसे बड़े तेल उत्पादक देश इसी मार्ग का उपयोग करते हैं।

  • तेल की कीमतों में उछाल: हमलों की खबर मिलते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में भारी तेजी देखी गई है।

  • सप्लाई चेन प्रभावित: यदि यह मार्ग पूरी तरह बंद होता है, तो भारत सहित कई देशों में पेट्रोल-डीजल की किल्लत और महंगाई आसमान छू सकती है।

इजरायल और अमेरिका की जवाबी तैयारी

ईरान की इस घेराबंदी के जवाब में अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र में अपनी नौसैनिक उपस्थिति बढ़ा दी है। अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) ने चेतावनी दी है कि वे अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। दूसरी ओर, इजरायल ने भी संकेत दिए हैं कि वह समुद्र में ईरान के इन 'ब्लैकमेलिंग' के प्रयासों का कड़ा जवाब देने के लिए तैयार है।

रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है 'होर्मुज'

होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ता है। इसका सबसे संकरा हिस्सा मात्र 21 मील चौड़ा है। ईरान अक्सर इस मार्ग को बंद करने की धमकी देकर अमेरिका और उसके सहयोगियों पर दबाव बनाने की कोशिश करता रहा है, लेकिन इस बार सीधे हमलों ने स्थिति को 'फुल-स्केल वॉर' (Full-scale War) की ओर धकेल दिया है।

निष्कर्ष

ईरान द्वारा जहाजों को निशाना बनाना एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था को चोट पहुँचाकर इजरायल के समर्थकों को पीछे हटने पर मजबूर किया जा सके। हालांकि, इस टकराव का खामियाजा पूरी दुनिया को ऊर्जा संकट के रूप में भुगतना पड़ सकता है।

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