मवाना (मेरठ): पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद में मौसम के बदले मिजाज ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मवाना और आसपास के क्षेत्रों में हुई जोरदार बारिश के कारण बिजली आपूर्ति पूरी तरह चरमरा गई है। तकनीकी खामियों और लाइनों में आए फॉल्ट की वजह से कस्बे के कई मोहल्ले और ग्रामीण इलाके घंटों से अंधेरे में डूबे हुए हैं, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश और तेज हवाओं से चरमराई विद्युत व्यवस्था
शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने विद्युत निगम के दावों की पोल खोल दी। खराब मौसम के चलते हाईटेंशन लाइनों पर पेड़ों की टहनियां गिरने और इंसुलेटर फटने जैसी कई तकनीकी समस्याएं सामने आईं। सुरक्षा की दृष्टि से विभाग ने कई फीडरों की सप्लाई बंद कर दी, जिसके बाद मवाना नगर सहित देहात क्षेत्रों की बिजली गुल हो गई। घंटों बीत जाने के बाद भी आपूर्ति बहाल न होने से लोगों का धैर्य जवाब दे रहा है।
तकनीकी खराबी और जलभराव ने बढ़ाई चुनौती
विद्युत निगम के अधिकारियों के अनुसार, बारिश के कारण कई स्थानों पर अंडरग्राउंड केबल में नमी आने और ट्रांसफार्मरों में तकनीकी खराबी आने की रिपोर्ट मिली है। कई इलाकों में जलभराव की वजह से लाइनमैनों को फॉल्ट ढूंढने और उसे ठीक करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। कीचड़ और लगातार हो रही रिमझिम बारिश मरम्मत कार्य में बड़ी बाधा बनी हुई है।
पेयजल और दैनिक कार्यों पर पड़ा बुरा असर
बिजली गुल होने का सीधा असर जलापूर्ति पर भी पड़ा है। घरों और सरकारी नलों में पानी न आने से महिलाओं और बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, इनवर्टर और मोबाइल चार्जिंग जैसी बुनियादी सुविधाएं भी ठप हो गईं, जिससे लोगों का संपर्क कट गया। व्यापारिक प्रतिष्ठानों और लघु उद्योगों पर भी इस बिजली कटौती का नकारात्मक प्रभाव देखा जा रहा है।
विभाग का आश्वासन: जल्द बहाल होगी सप्लाई
मवाना बिजली घर के अधिकारियों ने बताया कि फाल्ट को दुरुस्त करने के लिए टीमें युद्धस्तर पर काम कर रही हैं। मुख्य लाइनों को ठीक कर लिया गया है, लेकिन मोहल्लों के स्तर पर आ रही व्यक्तिगत शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है। विभाग ने उपभोक्ताओं से धैर्य बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि देर रात तक सभी प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी।
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