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ईरान-मध्य पूर्व संकट के बीच प्रशासन अलर्ट, विदेश में फंसे नागरिकों की जानकारी जुटाने के लिए हेल्पलाइन जारी


मेरठ: ईरान और मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ते युद्ध के संकट और तनावपूर्ण स्थितियों को देखते हुए उत्तर प्रदेश का मेरठ जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। शासन के निर्देश पर प्रशासन ने मेरठ के उन नागरिकों का विवरण जुटाना शुरू कर दिया है जो वर्तमान में ईरान, इजरायल या आसपास के प्रभावित देशों में रह रहे हैं या वहां काम के सिलसिले में गए हुए हैं।

नागरिकों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन गंभीर

जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार, युद्ध की विभीषिका के बीच फंसे भारतीयों, विशेषकर मेरठ के निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहे है कि जनपद के कितने लोग वहां फंसे हुए हैं और उनकी वर्तमान स्थिति क्या है। इसके लिए एक विशेष डेटाबेस तैयार किया जा रहा है ताकि आवश्यकता पड़ने पर केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय के माध्यम से उन्हें सुरक्षित वापस लाया जा सके या उनकी मदद की जा सके।

जानकारी देने के लिए हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम स्थापित

प्रशासन ने अपील की है कि यदि किसी परिवार का कोई सदस्य ईरान या मध्य पूर्व के अन्य देशों में है, तो उसकी जानकारी तत्काल जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय या संबंधित तहसील में उपलब्ध कराएं। इसके लिए एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर और कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। परिजनों को निम्नलिखित जानकारी देने का सुझाव दिया गया है:

  • व्यक्ति का नाम और मेरठ का पता।

  • विदेश में रहने का स्थान और पासपोर्ट विवरण।

  • संपर्क नंबर और वहां कार्यरत कंपनी या संस्थान का नाम।

परिजनों में चिंता का माहौल

मध्य पूर्व में अयातुल्ला खामेनेई के निधन के बाद उपजे ताजा घटनाक्रमों और युद्ध की आशंका ने उन परिवारों की चिंता बढ़ा दी है जिनके सदस्य वहां रोजगार या शिक्षा के लिए गए हुए हैं। मेरठ के कई क्षेत्रों, विशेषकर लिसाड़ी गेट, भूमिया पुल और ग्रामीण अंचलों से काफी संख्या में लोग खाड़ी देशों में कार्यरत हैं। परिजनों का कहना है कि वे लगातार अपने सदस्यों के संपर्क में हैं और अब प्रशासन की इस पहल से उन्हें कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

शांति और संयम बनाए रखने की अपील

प्रशासन ने नागरिकों से धैर्य बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और भारतीय दूतावासों के माध्यम से हर संभव सहायता पहुंचाई जा रही है।

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