नई प्रतिमा और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
मेरठ/भगवानपुर: मेरठ जनपद के भगवानपुर गांव में उस समय तनाव फैल गया जब अज्ञात शरारती तत्वों द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को खंडित करने का मामला सामने आया। इस घटना की जानकारी मिलते ही दलित समुदाय के लोग और विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौके पर इकट्ठा हो गए और शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
भारी पुलिस बल तैनात, गांव में तनाव
प्रतिमा के अपमान की खबर आग की तरह आसपास के गांवों में भी फैल गई, जिससे स्थिति संवेदनशील हो गई। मौके की नजाकत को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भारी पुलिस बल और पीएसी (PAC) के साथ गांव पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शांत करने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हुआ।
ग्रामीणों और प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें:
दोषियों की गिरफ्तारी: ग्रामीणों ने मांग की है कि सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय इनपुट के आधार पर दोषियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया जाए।
नई प्रतिमा की स्थापना: खंडित प्रतिमा के स्थान पर प्रशासन अपने खर्च पर नई और भव्य प्रतिमा स्थापित करे।
सुरक्षा व्यवस्था: भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अंबेडकर पार्क में चारदीवारी और उचित प्रकाश व्यवस्था की जाए।
पुलिस और प्रशासन का आश्वासन
उपजिलाधिकारी (SDM) और क्षेत्राधिकारी (CO) ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि नई प्रतिमा जल्द ही मंगवाई जा रही है और उसे ससम्मान स्थापित किया जाएगा। साथ ही, अराजक तत्वों के खिलाफ कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
भाईचारे को बिगाड़ने की साजिश
स्थानीय नेताओं ने इस घटना को आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली एक सुनियोजित साजिश बताया है। उन्होंने युवाओं से अपील की है कि वे संयम बनाए रखें और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। पुलिस ने एहतियात के तौर पर गांव में गश्त बढ़ा दी है और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।
इलाके में हाई अलर्ट
भगवानपुर की इस घटना के बाद आसपास के अन्य अंबेडकर पार्कों और प्रतिमाओं की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हैं ताकि इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने या माहौल खराब करने की किसी भी कोशिश को नाकाम किया जा सके।
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