हापुड़/लखनऊ: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर आतंकी साजिश का एक बड़ा और सनसनीखेज खुलासा हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों की जांच में सामने आया है कि प्रदेश के हापुड़ जिले के रहने वाले दो युवकों, अजीम और सुहैल, को दुबई बुलाकर एक बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने के लिए तैयार किया जा रहा था। इस पूरी साजिश के तार पाकिस्तान के एक कुख्यात गैंगस्टर और आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने के पुख्ता इनपुट मिले हैं।
दुबई बना साजिश का नया अड्डा
खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, अजीम और सुहैल को नौकरी या अन्य बहानों से दुबई बुलाया गया था। वहां उनकी मुलाकात पाकिस्तानी हैंडलर्स से कराई गई। जांच में यह भी पता चला है कि इन युवाओं को कट्टरपंथी बनाने (Radicalization) के लिए विशेष 'ब्रेनवॉश' सत्र आयोजित किए गए थे। मकसद था—उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों या भीड़भाड़ वाले इलाकों में विस्फोट या टार्गेट किलिंग को अंजाम देना।
पाकिस्तानी गैंगस्टर का कनेक्शन
हैरानी की बात यह है कि इस मॉड्यूल को सीमा पार बैठा एक पाकिस्तानी गैंगस्टर ऑपरेट कर रहा है, जो आईएसआई (ISI) के सीधे संपर्क में है। यह गैंगस्टर पहले भी भारत में हथियारों की तस्करी और 'स्लीपर सेल्स' को सक्रिय करने के मामलों में वांछित रहा है। दुबई में इन युवकों को लॉजिस्टिक सपोर्ट और धन मुहैया कराने का वादा भी इसी नेटवर्क द्वारा किया गया था।
यूपी एटीएस (UP ATS) की सक्रियता
हापुड़ के इन संदिग्धों के मोबाइल डेटा और कॉल रिकॉर्ड्स खंगालने पर कई चौंकाने वाली जानकारियां मिली हैं। यूपी एटीएस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां अब उन 'कड़ियों' को जोड़ने में जुटी हैं, जो इन युवकों को स्थानीय स्तर पर मदद पहुंचा रही थीं। सूत्रों का कहना है कि हापुड़ और आसपास के जिलों में कुछ और संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा सकती है।
विदेशी धरती से भारत के खिलाफ जंग
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सीधे तौर पर हमला करने में विफल रहने के बाद, आतंकी संगठन अब खाड़ी देशों (विशेषकर दुबई) का इस्तेमाल एक 'न्यूट्रल ग्राउंड' के रूप में कर रहे हैं ताकि भारतीय युवाओं को आसानी से फांसा जा सके। पकड़े गए या रडार पर आए युवाओं के सोशल मीडिया अकाउंट्स से यह भी पता चला है कि वे डार्क वेब और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए निर्देश प्राप्त कर रहे थे।
अलर्ट पर सुरक्षा बल
इस खुलासे के बाद उत्तर प्रदेश के सभी संवेदनशील जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। विशेष रूप से उन युवाओं पर नजर रखी जा रही है जो हाल ही में दुबई या अन्य खाड़ी देशों से लौटे हैं या वहां जाने की तैयारी में हैं। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
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