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सहकारी गन्ना विकास समिति की बैठक में भुगतान पर मंथन

 


समय पर पेमेंट के सख्त निर्देश

मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद स्थित सहकारी गन्ना विकास समिति की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य रूप से किसानों के गन्ना भुगतान की स्थिति, आगामी सत्र की तैयारियों और समिति के प्रशासनिक कामकाज की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि किसानों के भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

गन्ना भुगतान को लेकर कड़े निर्देश

बैठक की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न चीनी मिलों के प्रतिनिधियों और समिति के सचिवों के साथ डेटा साझा किया। बैठक में निर्देश दिए गए कि:

  • बकाया भुगतान: जिन चीनी मिलों पर पिछला बकाया है, वे प्राथमिकता के आधार पर किसानों के खातों में पैसा ट्रांसफर करें।

  • समय सीमा: शासन द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए साप्ताहिक रिपोर्ट तैयार की जाए।

  • अन्तरिम राहत: किसानों को खाद और बीज के लिए समितियों के माध्यम से दी जाने वाली सुविधाओं में तेजी लाई जाए।

प्रबंधन और पारदर्शिता पर जोर

समिति के कामकाज को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल रिकॉर्ड्स को अपडेट करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि गन्ना तौल केंद्रों पर होने वाली किसी भी प्रकार की अनियमितता या घटतौली की शिकायत मिलने पर संबंधित लिपिक और केंद्र प्रभारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। किसानों को 'गन्ना पर्ची' (Ganna Parchi) समय पर मिले, इसके लिए मोबाइल मैसेजिंग सिस्टम को और अधिक सक्रिय करने की बात कही गई।

आगामी पेराई सत्र की रणनीति

बैठक में आगामी पेराई सत्र (Crushing Season) के लिए गन्ने के सर्वे और सट्टा प्रदर्शन की स्थिति पर भी चर्चा हुई। किसानों से अपील की गई कि वे अपने गन्ने का सर्वे रिकॉर्ड समय रहते चेक कर लें ताकि बाद में पर्ची कटने में कोई समस्या न आए। साथ ही, उन्नत किस्म के बीज (जैसे- को. 0238 के विकल्प) को बढ़ावा देने के लिए कार्यशालाएं आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान

बैठक के दौरान कुछ किसान प्रतिनिधियों ने भी अपनी समस्याएं रखीं, जिनमें मुख्य रूप से समितियों में खाद की उपलब्धता और सड़कों की मरम्मत के मुद्दे शामिल थे। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि समितियों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक का स्टॉक सुनिश्चित किया जाएगा और मिलों के संपर्क मार्गों (Cane Routes) के गड्ढों को भरने के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है।

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