कीचड़ और जलभराव से बढ़ी राहगीरों की मुसीबत
मेरठ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बीते दिनों हुई बेमौसम और मूसलाधार बारिश ने विकास कार्यों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। मेरठ-मवाना-हस्तिनापुर हाईवे (Meerut-Mawana-Hastinapur Highway) के चौड़ीकरण और निर्माण का कार्य बारिश के चलते बीच में ही रोकना पड़ा है। निर्माण कार्य रुकने और सड़क पर भारी जलभराव व कीचड़ होने के कारण इस मार्ग पर चलने वाले हजारों राहगीरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
निर्माण सामग्री और मशीनें फंसी, काम ठप
हाईवे निर्माण में लगी कार्यदायी संस्था को बारिश के कारण भारी नुकसान और चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। खुदाई वाले हिस्सों में पानी भर जाने से मशीनों का संचालन असंभव हो गया है। इसके अलावा, सड़क निर्माण के लिए डाली गई निर्माण सामग्री (जैसे रोड़ी और मिट्टी) बारिश के पानी में बह गई है या दलदल में तब्दील हो गई है। निर्माण कार्य रुकने से परियोजना की समय सीमा पर भी असर पड़ने की संभावना है।
कीचड़ और फिसलन से दुर्घटनाओं का खतरा
मवाना-हस्तिनापुर मार्ग पर कई स्थानों पर सड़क की खुदाई की गई थी, जो अब बारिश के बाद फिसलन भरे रास्तों में बदल गई है। दोपहिया वाहन चालक और पैदल चलने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। आए दिन बाइक सवारों के फिसलकर गिरने की खबरें सामने आ रही हैं। विशेष रूप से रात के समय, पर्याप्त रोशनी और संकेतक न होने के कारण यह हाईवे 'हादसों का सबब' बनता जा रहा है।
व्यापार और यातायात पर पड़ा बुरा असर
इस मार्ग पर यातायात बाधित होने से मवाना और हस्तिनापुर के बीच व्यापारिक गतिविधियों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। बसों और भारी वाहनों की गति धीमी हो गई है, जिससे सफर का समय दोगुना हो गया है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि सड़क के सामने जलभराव और कीचड़ होने के कारण ग्राहकों का आना कम हो गया है, जिससे उनके दैनिक कारोबार को चपत लग रही है।
प्रशासन से जल निकासी की मांग
स्थानीय निवासियों और राहगीरों ने जिला प्रशासन व संबंधित विभाग से मांग की है कि जब तक निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं होता, तब तक सड़क से कीचड़ साफ कराया जाए और जल निकासी की समुचित व्यवस्था की जाए। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही फिसलन वाले स्थानों पर पत्थर या रोड़ी नहीं डाली गई, तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
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