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सरकारी अस्पताल में नशे में धुत कर्मचारी की शर्मनाक करतूत

 


शाहजहांपुर: डॉक्टर की कुर्सी पर किया पेशाब

शाहजहांपुर: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले से स्वास्थ्य विभाग को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ एक सरकारी अस्पताल में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने नशे की हालत में न केवल हंगामा किया, बल्कि मानवता और अनुशासन की सारी हदें पार करते हुए डॉक्टर की कुर्सी पर पेशाब कर दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है।

नशे में धुत होकर पहुंचा था अस्पताल

मिली जानकारी के अनुसार, मामला शाहजहांपुर के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का है। आरोपी कर्मचारी ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में धुत होकर अस्पताल पहुँचा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वह काफी समय से अस्पताल परिसर में इधर-उधर घूमकर मरीजों और अन्य स्टाफ के साथ बदतमीजी कर रहा था।

डॉक्टर की अनुपस्थिति में की अभद्रता

जिस वक्त यह घटना हुई, संबंधित डॉक्टर अपने कक्ष में मौजूद नहीं थे। आरोपी कर्मचारी उनके केबिन में घुस गया और नशे में अपना आपा खोते हुए डॉक्टर की मुख्य कुर्सी पर पेशाब कर दिया। जब अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने उसे रोकने की कोशिश की, तो उसने उनके साथ भी गाली-गलौज और हाथापाई की। मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया और उसे इंटरनेट पर अपलोड कर दिया।

विभाग की ओर से कड़ी कार्रवाई के निर्देश

वीडियो वायरल होते ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने मामले का संज्ञान लिया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि:

  • निलंबन की प्रक्रिया: आरोपी कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से सेवा से निलंबित करने की संस्तुति की गई है।

  • जांच कमेटी का गठन: मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है, जो तीन दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी।

  • विभागीय कार्रवाई: रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

मरीजों और डॉक्टरों में रोष

इस घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ में भारी रोष है। डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह की हरकतें न केवल कार्यस्थल के वातावरण को खराब करती हैं, बल्कि चिकित्सा पेशे की गरिमा को भी ठेस पहुँचाती हैं। स्थानीय नागरिकों ने भी आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त सजा की मांग की है ताकि भविष्य में कोई भी सरकारी कर्मचारी इस तरह के अनुशासनहीन कृत्य की हिम्मत न कर सके।

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